सरकारी स्कूल में तमंचे पर डांस!वीडियो वायरल होने पर उठा सवाल

THENEWSPOST
THENEWSPOST

Digital News Desk • September 9, 2026

मधुबनी जिले से एक सरकारी स्कूल परिसर में आयोजित कथित आर्केस्ट्रा कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है. वायरल वीडियो में एक डांसर को सिगरेट पीते और हाथ में पिस्टल जैसी दिखने वाली वस्तु लेकर गाने पर अभिनय करते देखा जा रहा है. 

मधुबनी (MADHUBANI): बिहार के मधुबनी जिले से एक सरकारी स्कूल परिसर में आयोजित कथित आर्केस्ट्रा कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है. वायरल वीडियो में एक डांसर को सिगरेट पीते और हाथ में पिस्टल जैसी दिखने वाली वस्तु लेकर गाने पर अभिनय करते देखा जा रहा है. स्कूल जैसे शैक्षणिक परिसर में इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं.

कलुआही प्रखंड का बताया जा रहा वायरल वीडियो

जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो मधुबनी जिले के कलुआही प्रखंड के हरपुर गौरी दास टोल स्थित एक सरकारी स्कूल से जुड़ा बताया जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर यहां आर्केस्ट्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इसी कार्यक्रम के दौरान रिकॉर्ड किया गया वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. हालांकि, वायरल वीडियो से जुड़े सभी दावों और वीडियो में दिखाई दे रही पिस्टल जैसी वस्तु की वास्तविकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

गाने के बोल पर गोली चलाने जैसी एक्टिंग

वायरल वीडियो में डांसर एक हाथ में सिगरेट और दूसरे हाथ में पिस्टल जैसी दिखाई देने वाली वस्तु लिए नजर आती है. गाने में शासन-प्रशासन की परवाह नहीं करने और छाती में छह गोलियां मारने जैसे बोल सुनाई देने का दावा किया जा रहा है. इन्हीं बोलों के दौरान डांसर गोली चलाने जैसी एक्टिंग करती दिखाई देती है. वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि बच्चों की पढ़ाई के लिए बने सरकारी स्कूल परिसर में इस तरह के आर्केस्ट्रा कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में दी गई थी.

शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी उठे सवाल

मामले की चर्चा बढ़ने के साथ स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी लोगों की निगाहें टिक गई हैं. वायरल वीडियो को लेकर यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि कार्यक्रम के लिए आधिकारिक अनुमति ली गई थी या नहीं और आयोजन के दौरान स्कूल परिसर के इस्तेमाल से संबंधित नियमों का पालन किया गया था या नहीं. अब शिक्षा विभाग या जिला प्रशासन की आधिकारिक जांच और प्रतिक्रिया से ही स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो से जुड़े दावों में कितनी सच्चाई है और मामले में किसी तरह की कार्रवाई की जाती है या नहीं.