भोजपुर: बिहार में एक तरफ सरकार और पुलिस लगातार अपराध नियंत्रण के दावे करती है तो दूसरी तरफ बेखौफ अपराधी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। गुरुवार की अहले सुबह अपराधियों ने कस्टम विभाग से सेवानिवृत्त असिस्टेंट कमिश्नर की ताबड़तोड़ गोली मार हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त मृतक का बेटा भी साथ था जो कि बाल बाल बच गया जबकि पिता की मौत हो गई। मृतक की पहचान कस्टम विभाग के रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर एवं क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष रामकुमार सिंह के रूप में की गई। बताया जा रहा है कि अहले सुबह वह अपने बेटे के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकल रहे थे। इसी दौरान हथियारबंद तीन बदमाशों ने आरा शहर के नवादा थाना क्षेत्र में स्थित जैन कॉलेज गेट के समीप घर के बाहर ही उनके ऊपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी। घटना के बाद लोगों ने आनन फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सुबह सुबह हत्या की घटना से आरा में अफरातफरी का माहौल हो गया वहीं जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन में जुट गई।
1 ही बाइक पर हेलमेट पहन पहुंचे थे बदमाश
घटना के संबंध में लोगों ने बताया कि मृतक हर दिन सुबह में बेटे राजेश के साथ मॉर्निंग वॉक के लिए जाते थे। आज भी वह बेटे के साथ निकल रहे थे। वह गैरेज का दरवाजा बंद कर रहे थे इसी दौरान तीन हथियारबंद तीन बदमाशों ने उनके ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसमें गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तीन अपराधी एक ही बाइक पर सवार हो कर पहुंचे थे और उन्होंने हेलमेट पहन रखा था। बताया जा रहा है कि मृतक को 6 गोलियां लगी है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
जमीन बना हत्या का कारण
घटना को लेकर मृतक के परिजनों ने जमीन विवाद का कारण बताया है। एक तरफ जहां मृतक की पत्नी ने पूर्व में धमकी मिलने की बात कही वहीं बेटे ने जमीन विवाद को हत्या का कारण बताया। उन्होंने बताया कि नगर थाना क्षेत्र के सिंगही मोड़ के समीप 13 कट्ठा जमीन खरीदी थी जिस कर कुछ भू माफिया कब्जा करना चाह रहे थे। इस संबंध में उन्होंने पुलिस ने मामला भी दर्ज कराया था। बेटे ने बताया कि जमीन की वजह से उनके ऊपर पहले भी जानलेवा हमले हो चुके थे।
सामाजिक गतिविधियों में रहते थे सक्रिय
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय थाना की पुलिस के साथ ही अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की छानबीन शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि मृतक कस्टम विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद सामाजिक गतिविधियों में भी काफी सक्रिय रहते थे। वह क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष थे। अब पुलिस एक तरफ घटना के कारणों का पता लगाने में जुट गई है तो दूसरी तरफ आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगालने में भी जुटी हुई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
