बड़ी खबर: निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 30 हजार घूस लेते पंचायत रोजगार सेवक गिरफ्तार

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Digital News Desk • October 13, 2026

शिखपुरा (SHEIKHPURA): मंगलवार को पटना से आई निगरानी विभाग की टीम ने जिला के पंचायत रोजगार सेवक प्रफुल्ल कुमार को 30 हजार रुपये घुस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. निगरानी की टीम ने जिले के आरियरी प्रखंड मुख्यालय फरपर से पंचायत रोजगार सेवक को गिरफ्तार किया है जिसके बाद उसे पटना ले जाया गया है. यहां उन्हें विशेष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा.

शिखपुरा (SHEIKHPURA): मंगलवार को पटना से आई निगरानी विभाग की टीम ने जिला के पंचायत रोजगार सेवक प्रफुल्ल कुमार को 30 हजार रुपये घुस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. निगरानी की टीम ने जिले के आरियरी प्रखंड मुख्यालय फरपर से पंचायत रोजगार सेवक को गिरफ्तार किया है जिसके बाद उसे पटना ले जाया गया है. यहां उन्हें विशेष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा.

बताते चलें कि प्रफूल्ल कुमार जिला के चेवाड़ा प्रखंड के कपासी गांव के रहने वाले हैं तथा जिला के अरियरी प्रखंड के हजरतपुर मड़रो पंचायत में पिछले एक वर्ष से पंचायत रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत थे. ऐसे में वह पंचायत समिति की योजना से मनरेगा में हो रहे कार्य की मापी पुस्तिका भरने के लिए 30 हजार रुपया ले रहे थे. पंचायत रोजगार सेवक घुस की यह राशि प्रखंड कार्यालय फरपर के बाहर के रास्ते पर ले रहे थे, तभी पहले से जाल बिछाए निगरानी विभाग की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया. इस दौरान पंचायत रोजगार सेवक ने भागने का भी प्रयास किया, वह सफल नहीं हो सका. गिरफ्तार प्रफुल्ल कुमार कपासी गांव के साधारण परिवार से जुड़ा हुआ है और पिछले 10 वर्षों से नौकरी कर रहा है. 

बता दें कि जिले में घूसखोर कर्मियों के विरूद्ध निगरानी की यह लगातार दूसरी कार्रवाई है. एक महीने में निगरानी विभाग ने जिले में दूसरा शिकार किया है. पिछले महीने 8 सितंबर को निगरानी की टीम ने जिला परिवहन कार्यालय के डाटा इंट्री आपरेटर कुनाल कुमार को 15 हजार रुपये घुस लेते गिरफ्तार किया था. जिला में निगरानी की लगातार सक्रियता के बाद भी रिश्वतखोर सरकारी कर्मियों में कोई भय नहीं दिख रहा है. ऐसे में सरकारी सेवाओं में भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार की कार्रवाई में इससे पहले जिला के कई लोग गिरफ्तार हो चुके हैं. गिरफ्तार होने वालों में अधिकारी से लेकर कर्मी भी शामिल हैं. इससे पहले अलग-अलग कार्रवाई में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी,अनुमंडल दंडाधिकारी के पेशकार, पुलिस के अवर निरीक्षक, शिक्षा कार्यालय का लिपिक, भू-सर्वे का कर्मी घूस लेने में निगरानी विभाग के हत्थे चढ़ चुके हैं.