कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक पत्थर खदान में हुए दर्दनाक हादसे में बिहार के कई प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. हादसे के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है. उन्होंने कहा कि बिहार के मेहनतकश प्रवासी श्रमिकों के असामयिक निधन की खबर अत्यंत हृदयविदारक और दुखद है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी अपने शोक संदेश में दिवंगत श्रमिकों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की. उन्होंने कहा कि इस कठिन घड़ी में उनकी संवेदनाएं पूरी तरह से मृतकों के परिवारों के साथ हैं. मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना करते हुए दिवंगत श्रमिकों को “ॐ शांति” कहकर श्रद्धांजलि अर्पित की.
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार घटना पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है, ताकि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके. राज्य सरकार जरूरत पड़ने पर मृतकों के परिजनों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है.
उधर, हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया. घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है. प्रशासन की ओर से दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं. शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे के पीछे खदान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे.
यह दुखद घटना एक बार फिर प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और खदानों में कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता को उजागर करती है. सरकार और प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे.
