कांवड़ यात्रा कितने प्रकार की होती है? क्या आप जानते है?
श्रावण मास में लाखों श्रद्धालु पवित्र नदियों से जल लेकर भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों और शिवालयों तक पदयात्रा करते हैं. इस पावन यात्रा को कांवड़ यात्रा कहा जाता है. यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि श्रद्धा, अनुशासन, तपस्या और समर्पण का अद्भुत संगम है. कांवड़ यात्रा के कई स्वरूप हैं, जिनमें हर एक की अपनी परंपरा, नियम और आध्यात्मिक महत्व है.















