बिहार के हर घर की छिपी आस्था: कुलदेवताओं की सदियों पुरानी परंपरा
बिहार की धरती केवल प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और महान परंपराओं के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी गहरी लोक आस्था और कुलदेवता परंपरा के लिए भी जानी जाती है. आज भी यहाँ लाखों परिवार अपने कुलदेवता और लोकदेवताओं को परिवार का अदृश्य रक्षक मानते हैं. हर शुभ कार्य, विवाह, नई फसल, गृह प्रवेश या किसी बड़े निर्णय से पहले सबसे पहले इन्हीं का स्मरण किया जाता है. यह परंपरा केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वजों के प्रति सम्मान, परिवार की एकता और सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवित रखने का सबसे सुंदर माध्यम है. आइए जानते हैं बिहार के उन कुलदेवताओं और लोकदेवताओं के बारे में, जिनकी आस्था आज भी हर घर और हर पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े हुए है.

















