टीएनपी डेस्क(TNP DESK): गर्मी का मौसम आते ही बाजारों में आम की बहार छा जाती है. जून का महीने में रांची समेत झारखंड के कई शहरों की मंडियां लंगड़ा, दशहरी, हिमसागर, अम्रपाली और कई दूसरी किस्मों के आमों से भर जाती हैं. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर सबसे मीठा और रसदार आम कैसे चुना जाए, अक्सर लोग आम का रंग देखकर उसे खरीद लेते हैं, लेकिन सिर्फ रंग के आधार पर आम की मिठास का अंदाजा लगाना सबसे बड़ी गलती हो सकती है अगर आप भी हर बार मीठा, ताजा और स्वादिष्ट आम घर ले जाना चाहते हैं, तो कुछ आसान संकेतों को समझना जरूरी है. सही तरीके से पहचान करने पर आप केमिकल से पकाए गए आमों से भी बच सकते हैं और प्राकृतिक रूप से पके फलों का आनंद उठा सकते हैं.
सबसे पहले खुशबू से करें पहचान

आम खरीदते समय सबसे पहले उसकी सुगंध पर ध्यान दें. आम के डंठल वाले हिस्से को हल्के से सूंघें. यदि वहां से शहद जैसी मीठी और ताजी खुशबू आ रही है, तो समझिए आम अच्छी तरह पका हुआ है. वहीं अगर किसी प्रकार की खुशबू नहीं आती, तो फल अभी कच्चा हो सकता है. खट्टी या तीखी गंध आने पर आम खराब होने की संभावना रहती है.
वजन और स्पर्श भी बताते हैं मिठास का राज

अच्छा आम हमेशा अपने आकार की तुलना में थोड़ा भारी महसूस होता है. भारी आम में आमतौर पर अधिक रस होता है. आम को हाथ में लेकर डंठल के पास हल्का दबाएं. यदि वह थोड़ा नरम महसूस हो लेकिन दबाने पर गड्ढा न पड़े, तो वह खाने के लिए बिल्कुल तैयार है. बहुत सख्त आम कच्चा हो सकता है, जबकि जरूरत से ज्यादा नरम आम अंदर से खराब भी निकल सकता है.
रंग देखकर न करें फैसला

अक्सर लोग पीले रंग के आम को सबसे मीठा मान लेते हैं, लेकिन यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है. अलग-अलग किस्मों के आमों का प्राकृतिक रंग अलग होता है. उदाहरण के लिए, लंगड़ा आम पूरी तरह पकने के बाद भी हरे रंग का दिखाई दे सकता है. वहीं दशहरी हल्का पीला और हिमसागर हरे-पीले रंग का होता है. इसलिए केवल रंग देखकर आम खरीदना नुकसानदायक साबित हो सकता है.
जून में कौन-सी किस्म है सबसे बेहतर
दशहरी आम अपनी मीठी खुशबू, कम रेशों और गूदेदार स्वाद के लिए जाना जाता है.
लंगड़ा आम का स्वाद बेहद मीठा और अलग होता है. इसे चुनते समय हल्का नरम फल लेना बेहतर रहता है.
हिमसागर आम आकार में छोटा लेकिन स्वाद में बेहद मीठा होता है और इसमें शहद जैसी सुगंध आती है.
अम्रपाली आम गहरे नारंगी रंग का होता है और इसे थोड़ा कच्चा खरीदकर घर में पकाना बेहतर माना जाता है.
ऐसे पहचानें केमिकल से पकाए गए आम

आजकल बाजार में कई आम कृत्रिम तरीकों से पकाए जाते हैं. यदि आमों का रंग एक जैसा हो, डंठल के पास कोई खुशबू न हो, फल ऊपर से सख्त लगे या डंठल के आसपास सफेद पाउडर जैसा पदार्थ दिखाई दे, तो सावधान हो जाएं. ऐसे आम अक्सर बाहर से आकर्षक दिखते हैं लेकिन अंदर से स्वादहीन या खट्टे हो सकते हैं.
घर पर ऐसे पकाएं आम
यदि खरीदा गया आम अभी थोड़ा कच्चा है लेकिन उसमें हल्की खुशबू आने लगी है, तो उसे अखबार में लपेटकर कमरे के तापमान पर रख दें. चाहें तो चावल के डिब्बे में भी रख सकते हैं. आम सामान्यतः 1 से 3 दिनों में प्राकृतिक रूप से पक जाता है. पूरी तरह पके आम को कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रखा जा सकता है, लेकिन बहुत अधिक ठंड में रखने से उसकी प्राकृतिक मिठास कम हो सकती है.
मीठा आम चुनने का आसान फॉर्मूला
सबसे स्वादिष्ट आम चुनने के लिए तीन बातों को हमेशा याद रखें खुशबू, वजन और हल्का दबाव. अगर आम में मीठी सुगंध हो, वह आकार के अनुसार भारी लगे और हल्का दबाने पर थोड़ा नरम महसूस हो, तो समझिए आपने सही आम चुना है. इस जून बाजार से आम खरीदते समय इन आसान टिप्स को अपनाकर आप हर बार मीठे, ताजे और सेहतमंद आमों का भरपूर आनंद उठा सकते