रांची (RANCHI): वाराणसी-रांची इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ी बहुप्रतीक्षित कुडू-उदयपुरा फोरलेन सड़क परियोजना को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. कुख्यात अपराधी राहुल सिंह गैंग के नाम पर निर्माण कार्य में दखल देने और रंगदारी मांगने की कोशिश की गई है. घटना के बाद परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों में चिंता का माहौल है, जबकि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है.
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से स्वीकृत यह परियोजना करीब 810 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है. यह सड़क वाराणसी-रांची इकोनॉमिक कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा है. परियोजना के पैकेज-1 के तहत कुडू से उदयपुरा तक फोरलेन सड़क और कुडू बाइपास का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है.
इसी बीच निर्माण कार्य से जुड़े एक कर्मी के मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए धमकी भरा संदेश भेजा गया. संदेश भेजने वाले ने खुद को कुख्यात अपराधी राहुल सिंह बताते हुए रंगदारी की मांग की. मैसेज में चेतावनी दी गई कि पहले “मैनेज” कर लिया जाए, उसके बाद ही काम आगे बढ़ाया जाए, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
धमकी मिलने के बाद निर्माण एजेंसी की ओर से इसकी सूचना तुरंत कुडू थाना पुलिस को दी गई. शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्रद्धा केरकेट्टा, पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर आजाद और थाना प्रभारी अजीत कुमार ने परियोजना स्थल का दौरा कर मामले की जानकारी ली.
पुलिस ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और व्हाट्सएप मैसेज की तकनीकी जांच शुरू कर दी है. हालांकि धमकी देने वाले ने कितनी रकम की मांग की थी, इसका उल्लेख संदेश में नहीं किया गया है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मैसेज वास्तव में किसने भेजा और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं. फिलहाल, करोड़ों रुपये की इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना की सुरक्षा और निर्बाध निर्माण सुनिश्चित करने के लिए पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है.