धनबाद (DHANBAD): जिले के दूधिया पानी इलाके में सरकारी जमीन पर चल रहे अवैध कोयला खनन के खिलाफ स्थानीय लोगों का आक्रोश अब सड़कों पर फूट पड़ा है. लंबे समय से चल रहे अवैध उत्खनन से परेशान ग्रामीणों, खासकर महिलाओं ने खुद मोर्चा संभाल लिया और लाठी-डंडों तथा पत्थरों के साथ खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त विरोध दर्ज कराया. बताया जा रहा है कि महिलाओं ने मौके पर पहुंचकर अवैध खनन में लगे लोगों को खदेड़ दिया.
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में करीब 20 से 25 कुआंनुमा अवैध कोयला खदानें सक्रिय हैं. इन खदानों से हर दिन 500 से अधिक ट्रैक्टरों के जरिए कोयला निकालकर आसपास के ईंट भट्ठों तक पहुंचाया जा रहा है. इस अवैध खनन के कारण इलाके की जमीन कमजोर हो चुकी है, कई घरों की दीवारों में दरारें आ गई हैं और लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं.
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खनन माफिया सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सुरक्षा को भी खतरे में डाल रही हैं. महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि पास के तालाब में नहाने जाने वाली लड़कियों के साथ छेड़खानी की घटनाएं भी सामने आती हैं, जिससे लोगों में और ज्यादा गुस्सा है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो बड़ा रेल हादसा हो सकता है.
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार पुलिस, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. पुलिस मौके पर आती है और फिर लौट जाती है, जबकि अवैध खनन लगातार जारी रहता है.
लोगों का कहना है कि ब्लास्टिंग से पूरे इलाके में कंपन महसूस होता है, बच्चे डर के कारण ठीक से सो नहीं पा रहे हैं और घरों में रहना भी खतरे से खाली नहीं है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे.