टीएनपी डेस्क(TNP DESK): कभी हड़िया और महुआ बेचकर परिवार चलाने को मजबूर महिलाओं को राज्य सरकार मौका देगी. खुद का कारोबार चलाने का, आत्मनिर्भर बनने का और समाज में नई पहचान बनाने का. झारखंड सरकार की फूलो झानो आशीर्वाद योजना ने हजारों महिलाओं की जिंदगी बनाने में मदद करेंगी, यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद लेकर आई है. यह योजना 29 सितंबर 2020 में शुरू किया गया था
झारखंड सरकार ने 29 सितंबर 2020 को फूलो झानो आशीर्वाद योजना की शुरुआत की थी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराना है, जो आजीविका के लिए हड़िया, महुआ और अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़ी हुई थीं. सरकार का मानना है कि महिलाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत की जा सकती है
योजना के तहत महिलाओं को शराब निर्माण और बिक्री जैसे कार्यों से बाहर निकालकर सम्मानजनक और स्थायी रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाता है. इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाता है. ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और परिवारों की आय में वृद्धि को बेहतर बनाना भी इस योजना के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है.
फूलो झानो आशीर्वाद योजना के तहत महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए ब्याज मुक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. योजना के शुरुआती चरण में महिलाओं को 10 हजार रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया था. यह राशि महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने और अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद करती है.
इसके अलावा राज्य के विभिन्न जिलों में महिलाओं को कई प्रकार के स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है. इनमें किराना दुकान संचालन, सब्जी व्यवसाय, मुर्गी पालन, बकरी पालन, सिलाई-कढ़ाई, कृषि आधारित गतिविधियां और अन्य लघु व्यवसाय शामिल हैं. केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि महिलाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और व्यवसाय संचालन की जानकारी भी दी जाती है, ताकि वे अपने नए कार्य में सफल हो सकें और लंबे समय तक अपनी आय को स्थिर बनाए रख सकें.
इस योजना के सफल बनाने में स्वयं सहायता समूहों और सखी मंडलों की महत्वपूर्ण भूमिका है. गांव-गांव सर्वेक्षण कर ऐसी महिलाओं की पहचान की जाती है, जो शराब निर्माण या बिक्री से जुड़ी हुई हैं. इसके बाद उन्हें समझाया जाता है, प्रेरित किया जाता है और रोजगार अपनाने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाती है.
योजना शुरू होने के बाद हजारों महिलाओं को आजीविका से जोड़ा गया है. महिलाओं को इस अभियान के अंतर्गत सम्मानजनक रोजगार से जोड़ने और करोड़ों रुपये की ब्याज-मुक्त सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई थी. बड़ी संख्या में महिलाओं ने शराब बिक्री का कार्य छोड़कर स्वरोजगार अपनाया है और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार किया है.
फूलो झानो आशीर्वाद योजना आज झारखंड में महिला सशक्तिकरण और आजीविका सुधार की एक पहल बन चुकी है. यह योजना महिलाओं को केवल आर्थिक रूप से मजबूत नहीं बना रही, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान कर रही है. यही कारण है कि यह योजना हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन रही है