क्या बिना जांच के विटामिन D और कैल्शियम सप्लीमेंट लेना सही है? डॉक्टर ने दी अहम सलाह

Vitamin D और Calcium शरीर के लिए जरूरी हैं, लेकिन बिना जांच और डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट लेना नुकसानदायक हो सकता है. जानिए कब सप्लीमेंट की जरूरत पड़ती है और किन बातों का रखें ध्यान.

क्या बिना जांच के विटामिन D और कैल्शियम सप्लीमेंट लेना सही है? डॉक्टर ने दी अहम सलाह

टीनपी डेस्क (TNP DESK): आजकल हड्डियों की मजबूती और शरीर में विटामिन D की कमी को लेकर लोग काफी जागरूक हुए हैं. लेकिन इसी के साथ एक आदत भी बढ़ रही है. बिना डॉक्टर की सलाह या जांच के विटामिन D और Calcium की गोलियां शुरू कर देना. कई लोग थकान, शरीर में दर्द या कमजोरी को विटामिन D की कमी मानकर खुद ही सप्लीमेंट लेने लगते हैं. हालांकि, हर व्यक्ति को इन सप्लीमेंट्स की जरूरत हो, यह जरूरी नहीं है. विशेषज्ञों के मुताबिक, शरीर को विटामिन D और कैल्शियम जरूर चाहिए, लेकिन इनकी सही मात्रा व्यक्ति की उम्र, खान-पान, स्वास्थ्य स्थिति और जरूरत पर निर्भर करती है. NIH के अनुसार, विटामिन D और Calcium हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सप्लीमेंट की जरूरत और मात्रा स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तय करना बेहतर है.

विटामिन D की गोली हर किसी के लिए जरूरी नहीं

विटामिन D शरीर में Calcium के इस्तेमाल और हड्डियों के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. शरीर कुछ विटामिन D धूप के संपर्क में आने पर खुद भी बनाता है और यह कुछ खाद्य पदार्थों से भी मिलता है. इसलिए सिर्फ यह सोचकर कि शरीर में विटामिन D कम हो सकता है, लंबे समय तक हाई-डोज सप्लीमेंट लेना उचित नहीं माना जाता. जरूरत होने पर डॉक्टर आपकी स्थिति और विटामिन D के रक्त स्तर को देखकर सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं. NIH के अनुसार, सामान्य तौर पर वयस्कों के लिए विटामिन D की ऊपरी सीमा 4,000 IU प्रतिदिन है, जब तक कि किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ की निगरानी में अलग मात्रा न दी गई हो. बहुत अधिक मात्रा लंबे समय तक लेने से शरीर में Calcium का स्तर बढ़ सकता है और इससे मतली, कमजोरी, अत्यधिक प्यास या पेशाब और किडनी स्टोन जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

कैल्शियम भी जरूरत के हिसाब से ही लें

कैल्शियम को लेकर भी यही सावधानी जरूरी है. अगर भोजन से पर्याप्त कैल्शियम मिल रहा है तो हर व्यक्ति को अलग से कैल्शियम सप्लीमेंट लेने की जरूरत नहीं होती. दूध और डेयरी उत्पादों के अलावा कुछ अन्य खाद्य पदार्थ भी कैल्शियम के स्रोत हो सकते हैं. NIH के मुताबिक, अधिकांश वयस्कों के लिए रोजाना करीब 1,000 mg Calcium की जरूरत होती है, हालांकि उम्र और परिस्थितियों के अनुसार आवश्यकता बदल सकती है. कैल्शियम सप्लीमेंट की अधिक मात्रा कब्ज, गैस और पेट फूलने जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है. इसके अलावा कैल्शियम कुछ दवाओं के असर या शरीर में उनके अवशोषण को प्रभावित कर सकता है, इसलिए नियमित दवाएं लेने वाले लोगों को डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लेनी चाहिए.

सप्लीमेंट लेने से पहले क्या करें?

सबसे जरूरी बात यह है कि विटामिन D या कैल्शियम को सामान्य 'वेलनेस' गोली समझकर रोजाना शुरू न करें. अगर लगातार हड्डियों या मांसपेशियों से जुड़ी परेशानी, कमजोरी या Vitamin D की कमी का संदेह है तो डॉक्टर से सलाह लें. जरूरत के अनुसार डॉक्टर रक्त जांच और आपकी डाइट, उम्र तथा अन्य स्वास्थ्य परिस्थितियों को देखकर तय कर सकते हैं कि सप्लीमेंट चाहिए या नहीं और कितनी मात्रा में लेना है. साथ ही एक साथ कई ऐसे सप्लीमेंट न लें जिनमें Vitamin D या कैल्शियम पहले से मौजूद हो, क्योंकि कुल मात्रा जरूरत से ज्यादा हो सकती है. NIH भी सलाह देता है कि सप्लीमेंट का इस्तेमाल स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार किया जाए.

विटामिन D और कैल्शियम शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व हैं, लेकिन 'ज्यादा' का मतलब 'ज्यादा फायदा' नहीं है. बिना जरूरत और बिना सही सलाह के लंबे समय तक सप्लीमेंट लेने के बजाय पहले यह पता करना बेहतर है कि वास्तव में कमी है या नहीं. यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है; व्यक्तिगत खुराक के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है.