क्या बार-बार प्यास लगना सामान्य है? डॉक्टर से जानें कब यह बीमारी का संकेत हो सकता है
बार-बार प्यास लगना सिर्फ गर्मी या पानी की कमी की वजह से नहीं होता. जानिए कब ज्यादा प्यास लगना डायबिटीज या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है और डॉक्टर से कब सलाह लेनी चाहिए.
टीनपी डेस्क (TNP DESK): गर्मी के मौसम में या ज्यादा शारीरिक मेहनत करने के बाद बार-बार प्यास लगना सामान्य बात हो सकती है. शरीर में पानी की कमी होने पर दिमाग हमें पानी पीने का संकेत देता है. लेकिन अगर बिना किसी स्पष्ट वजह के लगातार और जरूरत से ज्यादा प्यास लग रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कई बार अत्यधिक प्यास शरीर में होने वाली किसी समस्या का संकेत भी हो सकती है. खासकर अगर इसके साथ बार-बार पेशाब आना, कमजोरी, थकान या वजन कम होना जैसे लक्षण भी दिखाई दें.

शरीर को पानी की जरूरत क्यों पड़ती है
हमारे शरीर का बड़ा हिस्सा पानी से बना होता है और पानी शरीर के कई जरूरी कामों के लिए आवश्यक है. यह शरीर का तापमान नियंत्रित करने, पाचन में मदद करने और पोषक तत्वों को शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने में भूमिका निभाता है. पसीना ज्यादा निकलने, व्यायाम करने, गर्मी में रहने या पर्याप्त पानी नहीं पीने पर शरीर में पानी की कमी हो सकती है. ऐसी स्थिति में प्यास बढ़ना स्वाभाविक है.
कब बार-बार प्यास लगना सामान्य माना जा सकता है
अगर कोई व्यक्ति गर्म मौसम में ज्यादा समय बिताता है, व्यायाम करता है या अधिक पसीना बहाता है, तो उसे सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा पानी की जरूरत पड़ सकती है. ज्यादा नमकीन खाना खाने के बाद भी कुछ समय के लिए प्यास बढ़ सकती है. इसी तरह बुखार, उल्टी या दस्त के दौरान शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स निकलने के कारण भी प्यास ज्यादा लग सकती है. ऐसे मामलों में पानी और जरूरत के अनुसार इलेक्ट्रोलाइट्स की पर्याप्त मात्रा लेना जरूरी होता है. हालांकि लगातार बनी रहने वाली अत्यधिक प्यास को केवल मौसम या खानपान से जोड़कर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

बार-बार प्यास लगना डायबिटीज का संकेत हो सकता है
लगातार बहुत ज्यादा प्यास लगना डायबिटीज के प्रमुख लक्षणों में शामिल हो सकता है. जब ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है, तो शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है. इससे बार-बार पेशाब आ सकता है और शरीर में पानी की कमी महसूस हो सकती है. नतीजतन व्यक्ति को बार-बार पानी पीने की इच्छा हो सकती है.
अगर ज्यादा प्यास के साथ बार-बार पेशाब आना, भूख बढ़ना, थकान, धुंधला दिखाई देना या बिना कोशिश के वजन कम होना जैसे लक्षण भी नजर आएं, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड शुगर की जांच कराना उचित हो सकता है.
कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं
अत्यधिक प्यास का कारण केवल डायबिटीज ही नहीं है. शरीर में पानी की कमी, ज्यादा नमक का सेवन, कुछ दवाओं का प्रभाव और कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी इसके पीछे हो सकती हैं. मुंह का ज्यादा सूखना भी कई बार व्यक्ति को लगातार पानी पीने के लिए मजबूर करता है. कुछ मामलों में अत्यधिक प्यास शरीर में हार्मोन से जुड़ी समस्या या किडनी से संबंधित परेशानी का संकेत भी हो सकती है. इसलिए यदि प्यास लंबे समय तक सामान्य से अधिक बनी हुई है, तो इसके कारण का पता लगाना जरूरी है.

डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए
अगर बार-बार प्यास लगने की समस्या लगातार बनी हुई है और पानी पीने के बाद भी राहत नहीं मिलती, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है. खासकर प्यास के साथ बार-बार पेशाब, अत्यधिक कमजोरी, चक्कर, वजन कम होना, मुंह का लगातार सूखना या नजर धुंधली होने जैसे लक्षण मौजूद हों, तो जांच में देरी नहीं करनी चाहिए.
डॉक्टर जरूरत के अनुसार ब्लड शुगर, इलेक्ट्रोलाइट्स और अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं. खुद से किसी बीमारी का अनुमान लगाने के बजाय लक्षणों के आधार पर चिकित्सकीय सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित है.
कितनी मात्रा में पानी पीना चाहिए
हर व्यक्ति के लिए पानी की जरूरत एक जैसी नहीं होती. उम्र, मौसम, शारीरिक गतिविधि, खानपान और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार पानी की जरूरत बदल सकती है. इसलिए केवल किसी तय मात्रा को लक्ष्य बनाने के बजाय शरीर के संकेतों पर ध्यान देना चाहिए. प्यास लगने पर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है और बहुत ज्यादा प्यास को लगातार नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
NOTE: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है. किसी बीमारी की पुष्टि या इलाज के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श और आवश्यक जांच कराएं.