दिन में कितना पानी पीना चाहिए? डॉक्टर ने बताया शरीर के लिए सही मात्रा, कम या ज्यादा दोनों हो सकते हैं नुकसानदायक

दिन में कितना पानी पीना चाहिए? डॉक्टर ने बताया शरीर के लिए सही मात्रा, कम या ज्यादा दोनों हो सकते हैं नुकसानदायक

टीनपी डेस्क (TNP DESK): पानी हमारे शरीर की सबसे जरूरी जरूरतों में शामिल है. शरीर का तापमान नियंत्रित रखने से लेकर पाचन, रक्त संचार और कोशिकाओं के सामान्य कामकाज तक, पानी की अहम भूमिका होती है. अक्सर लोग सवाल करते हैं कि आखिर एक स्वस्थ व्यक्ति को दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए. इंटरनेट पर 2 या 3 लीटर पानी पीने की सलाह आम है, लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक हर व्यक्ति के लिए पानी की जरूरत एक जैसी नहीं होती. उम्र, वजन, मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर शरीर की पानी की जरूरत बदल सकती है. ऐसे में सिर्फ एक तय मात्रा को नियम मानना सही नहीं है.

शरीर के लिए पानी क्यों जरूरी है?

हमारे शरीर में पानी कई महत्वपूर्ण काम करता है. यह शरीर के तापमान को सामान्य रखने, पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाए रखने और पोषक तत्वों को शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने में मदद करता है. पानी शरीर से कुछ अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. पर्याप्त पानी मिलने से शरीर सामान्य रूप से काम करता है और डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी से बचने में मदद मिलती है.

क्या हर व्यक्ति को 2-3 लीटर पानी पीना चाहिए?

डॉक्टरों के अनुसार हर व्यक्ति के लिए रोजाना पानी की एक ही मात्रा तय नहीं की जा सकती. सामान्य तौर पर स्वस्थ वयस्कों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए, लेकिन इसमें सिर्फ सादा पानी ही शामिल नहीं होता. दूध, सूप, फल और सब्जियों जैसे खाद्य पदार्थों से मिलने वाला पानी भी शरीर के कुल तरल सेवन में योगदान देता है. गर्म मौसम, ज्यादा पसीना आने, व्यायाम करने या शारीरिक मेहनत करने पर पानी की जरूरत बढ़ सकती है.

पानी की कमी के ये संकेत न करें नजरअंदाज

शरीर में पानी की कमी होने पर कुछ सामान्य संकेत दिखाई दे सकते हैं. ज्यादा प्यास लगना, मुंह सूखना, पेशाब का रंग गहरा होना, थकान महसूस होना, चक्कर आना या सिरदर्द जैसी समस्याएं डिहाइड्रेशन से जुड़ी हो सकती हैं. हालांकि, इन लक्षणों के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं. इसलिए लगातार समस्या रहने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी ठीक नहीं

यह मानना भी सही नहीं है कि जितना ज्यादा पानी पिएंगे, उतना ही ज्यादा फायदा होगा. बहुत कम समय में जरूरत से ज्यादा पानी पीने से शरीर में सोडियम का स्तर असामान्य रूप से कम हो सकता है, जिसे हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है. गंभीर स्थिति में यह खतरनाक भी हो सकता है. इसलिए जबरदस्ती जरूरत से ज्यादा पानी पीने के बजाय पूरे दिन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहना बेहतर तरीका है.

गर्मी और एक्सरसाइज में बढ़ जाती है जरूरत

गर्मियों में पसीने के जरिए शरीर से ज्यादा पानी बाहर निकलता है. इसी तरह दौड़ने, जिम करने या किसी तरह की भारी शारीरिक गतिविधि के दौरान भी तरल पदार्थ की जरूरत बढ़ सकती है. ऐसे समय में सिर्फ प्यास का इंतजार करना हर व्यक्ति के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता. लंबे समय तक या बहुत अधिक पसीना आने वाली गतिविधियों में शरीर से इलेक्ट्रोलाइट्स भी कम हो सकते हैं, इसलिए स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है.

किन लोगों को रखनी चाहिए विशेष सावधानी?

किडनी, हृदय या लिवर से जुड़ी कुछ स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों में पानी और तरल पदार्थ की मात्रा सामान्य व्यक्ति से अलग हो सकती है. ऐसे लोगों को डॉक्टर द्वारा बताई गई मात्रा का ही पालन करना चाहिए. इसी तरह बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की पानी की जरूरत भी अलग हो सकती है.

पानी पीने का आसान तरीका

पानी पीने के लिए किसी एक तय समय या संख्या को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है. दिनभर नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें और मौसम व अपनी गतिविधि के अनुसार मात्रा को समायोजित करें. पेशाब का हल्का पीला रंग आम तौर पर पर्याप्त हाइड्रेशन का एक उपयोगी संकेत माना जाता है, हालांकि यह अकेला स्वास्थ्य परीक्षण नहीं है. सबसे जरूरी बात यह है कि शरीर के संकेतों को समझें और जरूरत के मुताबिक पानी लें.