हेल्थ पोस्ट: High BP अब सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं! युवाओं में क्यों बढ़ रहा खतरा, डॉक्टर ने बताई वजह

युवाओं में भी High BP का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. तनाव, गुस्सा, खराब खान-पान, ज्यादा नमक, शारीरिक गतिविधि की कमी और नींद पूरी न होने जैसी आदतें ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकती हैं.

हेल्थ पोस्ट: High BP अब सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं! युवाओं में क्यों बढ़ रहा खतरा, डॉक्टर ने बताई वजह

टीनपी डेस्क (TNP DESK): आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर यानी High BP को अक्सर उम्रदराज लोगों से जोड़कर देखा जाता है. लेकिन बदलती लाइफस्टाइल के कारण अब कम उम्र के लोगों में भी ब्लड प्रेशर बढ़ने के मामले देखने को मिल रहे हैं. आज के युवा गुस्सैल स्वभाव के होते हैं. हर छोटी बात पर गुस्सा करना, चिड़चिड़ापन, बड़ों को जवाब देना और छोटी-छोटी बातों पर तनाव लेना जैसी आदतें देखने को मिलती हैं. इसके साथ ही लंबे समय तक बैठे रहना, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव, खराब खान-पान, ज्यादा नमक और नींद पूरी न होना जैसी आदतें युवाओं की सेहत पर असर डाल रही हैं. खास बात यह है कि हाई BP को अक्सर ‘Silent Killer’ कहा जाता है, क्योंकि शुरुआती दौर में कई लोगों में इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते.

युवाओं में क्यों बढ़ रहा है हाई BP का खतरा?

युवाओं में हाई BP बढ़ने की कई वजहें हो सकती हैं. सबसे बड़ी वजह बदलती जीवनशैली मानी जाती है. आज का ज्यादातर समय मोबाइल, लैपटॉप और टीवी के सामने बीतता है. ऑफिस या पढ़ाई के कारण लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना और एक्सरसाइज के लिए समय न निकालना शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकता है. इसके अलावा बाहर का खाना, पैकेज्ड फूड, ज्यादा नमक और अधिक कैलोरी वाली चीजों का सेवन भी ब्लड प्रेशर बढ़ने के जोखिम से जुड़ा हो सकता है.

तनाव भी युवाओं की सेहत के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. पढ़ाई, नौकरी, करियर, आर्थिक दबाव और निजी जिंदगी से जुड़ी परेशानियां लगातार मानसिक तनाव बढ़ा सकती हैं. लंबे समय तक तनाव रहने पर शरीर में ऐसे हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो कुछ समय के लिए ब्लड प्रेशर बढ़ा सकते हैं. अगर खराब लाइफस्टाइल और तनाव लंबे समय तक बना रहे तो यह स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन सकता है.

गुस्सा और चिड़चिड़ापन कितना जिम्मेदार?

हर बात पर गुस्सा करना या चिड़चिड़ापन दिखाना सीधे तौर पर हाई BP का कारण नहीं कहा जा सकता. हालांकि, बार-बार गुस्सा, तनाव और मानसिक बेचैनी शरीर में अस्थायी रूप से ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ा सकते हैं. अगर व्यक्ति लगातार तनाव में रहता है, ठीक से नींद नहीं लेता और अपनी लाइफस्टाइल पर ध्यान नहीं देता तो इसका असर लंबे समय में उसकी सेहत पर पड़ सकता है. इसलिए गुस्से और तनाव को नियंत्रित करना सिर्फ व्यवहार के लिए नहीं बल्कि ओवरऑल हेल्थ के लिए भी जरूरी है.

हाई BP के लक्षण क्यों नहीं दिखते?

हाई BP की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि कई लोगों को लंबे समय तक पता ही नहीं चलता कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है. कुछ लोगों में सिरदर्द, चक्कर, थकान, बेचैनी या धुंधला दिखाई देने जैसी परेशानियां हो सकती हैं, लेकिन इन्हें हाई BP का निश्चित लक्षण नहीं माना जा सकता. यही वजह है कि केवल लक्षणों के आधार पर ब्लड प्रेशर का पता लगाना सही तरीका नहीं है. समय-समय पर BP की जांच करना ज्यादा जरूरी है.

युवाओं को क्या करना चाहिए?

हाई BP के जोखिम को कम करने के लिए युवाओं को अपनी रोजमर्रा की आदतों पर ध्यान देना चाहिए. नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित खान-पान, नमक का सीमित सेवन, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित करना जरूरी है. धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए इनसे दूरी बनाना बेहतर है. अगर किसी व्यक्ति का BP बार-बार सामान्य से ज्यादा आ रहा है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेकर उचित जांच करानी चाहिए.

याद रखें, हाई BP सिर्फ उम्रदराज लोगों की समस्या नहीं है. कम उम्र में भी यह समस्या हो सकती है और कई बार बिना किसी स्पष्ट संकेत के शरीर को प्रभावित कर सकती है. इसलिए युवाओं के लिए भी समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच और स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाना बेहद जरूरी है.