टीनपी डेस्क (TNP DESK): आजकल हर दूसरे लोगों के हाथ में स्मार्टवॉच देखा ही होगा. कुछ लोग इसे स्टाइल के तौर में पहनते है तो कुछ लोग हार्ट रेट, ब्लड ऑक्सीजन (SpO2), स्टेप काउंट, नींद की गुणवत्ता और वर्कआउट ट्रैकिंग जैसी कई स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं के लिए. और यही कारण है कि स्मार्टवॉच को लोग इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना चुके हैं. कई लोग तो अपने स्वास्थ्य से जुड़े छोटे-बड़े फैसले भी स्मार्टवॉच के आंकड़ों के आधार पर लेने लगे हैं. लेकिन सवाल यह है कि क्या स्मार्टवॉच पर दिखने वाला हार्ट रेट हमेशा पूरी तरह सही होता है? डॉक्टरों का कहना है कि स्मार्टवॉच उपयोगी जरूर है, लेकिन इसे मेडिकल उपकरण का विकल्प नहीं माना जा सकता.

स्मार्टवॉच हार्ट रेट कैसे मापती है?
ज्यादातर स्मार्टवॉच फोटोप्लिथिस्मोग्राफी (PPG) तकनीक का इस्तेमाल करती हैं. इसमें घड़ी की पीछे लगी हरी LED लाइट त्वचा पर प्रकाश डालती है और सेंसर रक्त प्रवाह में होने वाले बदलाव को मापकर हार्ट रेट का अनुमान लगाते हैं. सामान्य परिस्थितियों में यह तकनीक काफी हद तक सही परिणाम देती है, लेकिन कई बार इसकी रीडिंग वास्तविक हार्ट रेट से अलग हो सकती है.
किन परिस्थितियों में रीडिंग गलत हो सकती है?
डॉक्टरों के अनुसार कई कारण स्मार्टवॉच की रीडिंग को प्रभावित कर सकते हैं.
- घड़ी का ढीला या बहुत टाइट पहनना.
- तेज दौड़ या हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज के दौरान हाथों की अधिक हरकत.
- बहुत ठंडा मौसम या कम रक्त संचार.
- त्वचा का रंग, टैटू या अधिक बाल.
- सेंसर पर धूल, पसीना या गंदगी जमा होना.

इन परिस्थितियों में हार्ट रेट वास्तविक से कम या ज्यादा दिख सकता है.
डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?
हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्टवॉच शुरुआती संकेत देने में मदद कर सकती है, लेकिन इसका डेटा अंतिम मेडिकल रिपोर्ट नहीं होता. यदि घड़ी बार-बार बहुत अधिक या बहुत कम हार्ट रेट दिखाए, या आपको चक्कर, सीने में दर्द, सांस फूलना या बेहोशी जैसी परेशानी हो, तो केवल स्मार्टवॉच पर भरोसा करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
जरूरत पड़ने पर डॉक्टर ईसीजी (ECG), होल्टर मॉनिटर या अन्य जांच के जरिए सही स्थिति का पता लगाते हैं.
कब स्मार्टवॉच फायदेमंद साबित होती है?
स्मार्टवॉच कई मामलों में बेहद उपयोगी हो सकती है.
- रोजाना हार्ट रेट ट्रेंड पर नजर रखने में.
- वर्कआउट के दौरान सुरक्षित हार्ट रेट जोन बनाए रखने में.
- आराम की स्थिति (Resting Heart Rate) में बदलाव पहचानने में.
- कुछ मॉडल अनियमित धड़कन (Irregular Rhythm) का संकेत भी दे सकते हैं.
- फिटनेस और लाइफस्टाइल सुधारने के लिए प्रेरित करने में.

हालांकि, किसी भी अलर्ट की पुष्टि मेडिकल जांच से ही करनी चाहिए.
हार्ट रेट कितना होना सामान्य माना जाता है?
स्वस्थ वयस्कों में आराम की स्थिति में हार्ट रेट आमतौर पर 60 से 100 बीट प्रति मिनट (BPM) के बीच होता है. नियमित व्यायाम करने वाले खिलाड़ियों या फिट लोगों में यह 40 से 60 BPM तक भी हो सकता है. वहीं व्यायाम, तनाव, कैफीन, बुखार या भावनात्मक बदलाव के दौरान हार्ट रेट बढ़ना सामान्य है.

स्मार्टवॉच इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां
- घड़ी को कलाई पर सही फिटिंग के साथ पहनें.
- सेंसर को हमेशा साफ रखें.
- व्यायाम के दौरान रीडिंग में हल्का अंतर सामान्य मानें.
- लगातार असामान्य रीडिंग मिलने पर डॉक्टर से सलाह लें.
- केवल स्मार्टवॉच के आधार पर दवा शुरू या बंद न करें.

