टीनपी डेस्क (TNP DESK): रात में नींद से उठकर एक बार पेशाब करने की जरूरत पड़ना कई वयस्कों में सामान्य हो सकता है, खासकर उम्र बढ़ने के साथ. इसे मेडिकल भाषा में नॉक्टूरिया (Nocturia) कहा जाता है. लेकिन अगर हर रात बार-बार उठना पड़े और इसकी वजह से नींद लगातार टूट रही हो, तो इसे सिर्फ आदत मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार, रात में बार-बार पेशाब आने के पीछे ज्यादा पानी या चाय-कॉफी पीना, शराब का सेवन, कुछ दवाएं, ओवरएक्टिव ब्लैडर, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, डायबिटीज और पुरुषों में बढ़ा हुआ प्रोस्टेट जैसी कई वजहें हो सकती हैं.

कब इसे सामान्य माना जा सकता है?
अगर कोई व्यक्ति सोने से पहले ज्यादा मात्रा में पानी पीता है या शाम के समय चाय, कॉफी जैसे कैफीन वाले पेय लेता है, तो रात में पेशाब की जरूरत बढ़ सकती है. ऐसे मामलों में पेय पदार्थों की मात्रा और समय में बदलाव से समस्या कम हो सकती है. NHS के अनुसार, रात में बार-बार पेशाब आने वाले लोगों को सोने से पहले तरल पदार्थ कम करने की सलाह दी जाती है, हालांकि दिन के समय पर्याप्त पानी पीना जरूरी है. वहीं, ऑक्सफोर्ड हेल्थ के अनुसार वयस्कों का रात में एक बार उठकर पेशाब करना सामान्य हो सकता है और उम्र बढ़ने के साथ इसकी आवृत्ति बढ़ सकती है.

कब हो सकता है बीमारी का संकेत?
अगर रात में दो या उससे ज्यादा बार लगातार उठना पड़ रहा है, समस्या लंबे समय से बनी हुई है या दिन में भी बार-बार पेशाब आता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है. खासकर पेशाब करते समय जलन या दर्द, तेज यूरिनरी अर्जेंसी, पेशाब में खून, बदबूदार या धुंधला पेशाब जैसे लक्षण हों तो यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन की संभावना हो सकती है. पुरुषों में कमजोर धार, पेशाब शुरू करने में परेशानी या ब्लैडर पूरी तरह खाली न होने की शिकायत के साथ रात में बार-बार पेशाब आना बढ़े हुए प्रोस्टेट यानी BPH से जुड़ा हो सकता है.
डायबिटीज से भी हो सकता है संबंध
रात में बार-बार पेशाब आने को केवल ब्लैडर की समस्या मानना सही नहीं है. बार-बार पेशाब आना डायबिटीज में भी देखा जा सकता है, खासकर जब ब्लड शुगर लंबे समय तक ज्यादा रहे. इसके अलावा कुछ लोगों में नींद से जुड़ी समस्याएं, किडनी या हृदय संबंधी स्थितियां और शरीर में रात के समय ज्यादा मात्रा में पेशाब बनना भी नॉक्टूरिया का कारण हो सकता है. इसलिए अगर समस्या लगातार बनी हुई है, तो डॉक्टर मरीज की उम्र, अन्य लक्षण, दवाओं और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर कारण तलाश सकते हैं.

डॉक्टर तक कब जरूर पहुंचें?
अगर रात में बार-बार पेशाब आने के साथ पेशाब में खून, जलन, तेज दर्द, बुखार, कमर या बगल में दर्द, पेशाब रुकना या ब्लैडर पूरी तरह खाली न होने जैसी समस्या हो, तो मेडिकल सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए. NIDDK के अनुसार, बार-बार पेशाब आना और नींद से उठकर पेशाब करना भी ऐसे लक्षण हैं जिनके बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करनी चाहिए.

डॉक्टर जरूरत के अनुसार यूरिन टेस्ट, ब्लड टेस्ट, ब्लैडर स्कैन या कुछ मामलों में अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं. इसलिए रात में कभी-कभार पेशाब के लिए उठना हमेशा बीमारी नहीं है, लेकिन लगातार बढ़ती समस्या को नजरअंदाज करना भी सही नहीं है. सही कारण की पहचान होने पर उचित इलाज और जीवनशैली में बदलाव से राहत मिल सकती है.
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है. किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लक्षण होने पर खुद से निष्कर्ष न निकालें और उचित जांच व सलाह के लिए डॉक्टर की राय जरूर लें.

