टॉयलेट में फोन लेकर बैठते हैं तो हो जाएं सावधान! डॉक्टर से जानें कैसे बढ़ता है बवासीर का खतरा

टॉयलेट में फोन लेकर लंबे समय तक बैठने की आदत से बवासीर का खतरा बढ़ सकता है. जानिए डॉक्टर क्यों टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने से बचने की सलाह देते हैं.

टॉयलेट में फोन लेकर बैठते हैं तो हो जाएं सावधान! डॉक्टर से जानें कैसे बढ़ता है बवासीर का खतरा

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): आज के समय में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का जरूरी हिस्सा बन गया है. कई लोगों की आदत इतनी बढ़ गई है कि वे खाना खाते समय, सफर के दौरान और यहां तक कि टॉयलेट में भी फोन का इस्तेमाल करते हैं. टॉयलेट में फोन लेकर बैठना भले ही सामान्य आदत लगे, लेकिन इसकी वजह से लोग जरूरत से ज्यादा देर तक टॉयलेट सीट पर बैठे रह सकते हैं. लंबे समय तक बैठने और शौच के दौरान ज्यादा जोर लगाने की आदत को बवासीर यानी Piles के जोखिम से जोड़ा जाता है. डॉक्टरों के मुताबिक, टॉयलेट में फोन चलाने की बजाय जरूरत पूरी होने के बाद तुरंत बाहर आना बेहतर है.

टॉयलेट में ज्यादा देर बैठना क्यों हो सकता है नुकसानदायक?

जब कोई व्यक्ति टॉयलेट में फोन लेकर बैठता है तो उसका ध्यान शौच से हटकर मोबाइल स्क्रीन पर चला जाता है. सोशल मीडिया, वीडियो या चैट में समय का पता नहीं चलता और व्यक्ति जरूरत से ज्यादा देर तक टॉयलेट सीट पर बैठा रहता है. इस दौरान गुदा और उसके आसपास की नसों पर दबाव पड़ सकता है. लगातार लंबे समय तक ऐसा करने से वहां की नसों और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे बवासीर का खतरा बढ़ने की आशंका रहती है.

बवासीर में गुदा के आसपास की नसें और रक्त वाहिकाएं सूज सकती हैं. इसमें दर्द, खुजली, जलन या शौच के दौरान खून आने जैसी परेशानी हो सकती है. हालांकि सिर्फ टॉयलेट में फोन इस्तेमाल करना ही बवासीर का एकमात्र कारण नहीं है. कब्ज, कम फाइबर वाला भोजन, लंबे समय तक बैठना, शौच के दौरान ज्यादा जोर लगाना और शारीरिक गतिविधि की कमी जैसे कई कारण भी इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं.

कब्ज और जोर लगाने से बढ़ सकती है परेशानी

बवासीर से बचने के लिए कब्ज को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. जब मल कठोर हो जाता है तो शौच के दौरान व्यक्ति को ज्यादा जोर लगाना पड़ता है. बार-बार जोर लगाने से गुदा क्षेत्र की रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ सकता है. अगर इसके साथ टॉयलेट में लंबे समय तक बैठने की आदत भी हो तो समस्या बढ़ सकती है.

डॉक्टर आमतौर पर कब्ज से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीने, भोजन में फाइबर की मात्रा बढ़ाने और नियमित शारीरिक गतिविधि करने की सलाह देते हैं. फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दाल जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ मल को नरम रखने में मदद कर सकते हैं. हालांकि किसी व्यक्ति को लंबे समय से कब्ज या बवासीर की शिकायत है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

टॉयलेट में फोन ले जाना छोड़ें, ये आदत अपनाएं

विशेषज्ञों के मुताबिक टॉयलेट का इस्तेमाल केवल शौच के लिए करना बेहतर है. फोन को बाहर रखने से मोबाइल पर ध्यान भटकने और जरूरत से ज्यादा देर तक बैठे रहने की संभावना कम हो सकती है. शौच की इच्छा को लंबे समय तक रोकने से भी बचना चाहिए. इसके अलावा शौच के दौरान अनावश्यक रूप से जोर नहीं लगाना चाहिए.

अगर शौच के दौरान बार-बार खून आता है, गुदा के आसपास तेज दर्द या सूजन रहती है, लगातार खुजली होती है या कोई गांठ महसूस होती है तो इसे केवल बवासीर मानकर खुद से इलाज नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, क्योंकि मल में खून आने के दूसरे कारण भी हो सकते हैं.

क्या सिर्फ फोन छोड़ने से बवासीर से बच सकते हैं?

सिर्फ टॉयलेट में फोन इस्तेमाल करना बंद कर देने से बवासीर से पूरी तरह बचने की गारंटी नहीं होती. लेकिन यह आदत टॉयलेट में अनावश्यक रूप से लंबे समय तक बैठने से रोक सकती है. इसके साथ पर्याप्त पानी पीना, फाइबर युक्त भोजन करना, नियमित व्यायाम करना, कब्ज से बचना और शौच के दौरान ज्यादा जोर न लगाना भी जरूरी है.

इसलिए अगर आपकी भी आदत टॉयलेट में फोन लेकर लंबे समय तक बैठने की है तो इसे बदलने की कोशिश करें. मोबाइल को बाहर रखें और टॉयलेट में जरूरत से ज्यादा समय न बिताएं. अगर बवासीर से जुड़े लक्षण लगातार बने हुए हैं या खून आने की समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से जांच और उचित सलाह लेना सबसे सुरक्षित कदम है.