अगर आप भी कमर दर्द से हैं परेशान, तो हो जाए सावधान! इन 5 गंभीर बीमारियों का हो सकता है संकेत, जानें डॉक्टर की राय

कमर दर्द को अक्सर लोग सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लगातार रहने वाला दर्द स्लिप डिस्क, गठिया, किडनी की समस्या, ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का संकेत हो सकता है. जानें डॉक्टर की राय

अगर आप भी कमर दर्द से हैं परेशान, तो हो जाए सावधान! इन 5 गंभीर बीमारियों का हो सकता है संकेत, जानें डॉक्टर की राय

टीनपी डेस्क (TNP DESK): आजकल कमर दर्द की समस्या काफी आम हो गई है. लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करना, गलत पोश्चर, कम शारीरिक गतिविधि और भारी सामान उठाने जैसी वजहों से अक्सर कमर में दर्द होने लगता है. ज्यादातर मामलों में आराम, सही पोश्चर और हल्की एक्सरसाइज से राहत मिल सकती है. लेकिन अगर कमर दर्द लगातार बना रहता है, बार-बार होता है या इसके साथ दूसरे लक्षण भी दिखाई देते हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कभी-कभी कमर दर्द शरीर में चल रही किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है. ऐसे में समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

स्लिप डिस्क भी हो सकती है वजह

कमर दर्द के पीछे स्लिप डिस्क एक आम कारण हो सकता है. हमारी रीढ़ की हड्डियों के बीच मौजूद डिस्क शरीर को झटकों से बचाने का काम करती है. कई बार गलत तरीके से वजन उठाने, चोट या उम्र बढ़ने के कारण डिस्क अपनी जगह से खिसक जाती है. इससे नसों पर दबाव पड़ सकता है. ऐसे में कमर दर्द के साथ पैरों में दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो सकता है. अगर दर्द कमर से पैर तक जा रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है.

गठिया और रीढ़ की समस्या

उम्र बढ़ने के साथ रीढ़ की हड्डियों में बदलाव के कारण भी कमर दर्द हो सकता है. ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी समस्या में रीढ़ के जोड़ प्रभावित हो सकते हैं. इसके कारण कमर में दर्द और अकड़न महसूस होती है. सुबह उठने के बाद ज्यादा जकड़न या लंबे समय तक बैठने के बाद दर्द बढ़ना भी इसके संकेत हो सकते हैं. लगातार दर्द रहने पर डॉक्टर शारीरिक जांच के साथ जरूरत पड़ने पर एक्स-रे या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं.

किडनी से जुड़ी परेशानी

हर कमर दर्द का कारण रीढ़ की हड्डी नहीं होती. कई बार किडनी स्टोन या किडनी में संक्रमण के कारण भी कमर या शरीर के पीछे की तरफ दर्द हो सकता है. अगर कमर दर्द के साथ पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आना, पेशाब में खून, बुखार या उल्टी जैसे लक्षण हैं, तो इसे सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे लक्षण किडनी से जुड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं और डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है.

ऑस्टियोपोरोसिस से बढ़ सकता है फ्रैक्चर का खतरा

ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियां कमजोर और नाजुक हो जाती हैं. ऐसी स्थिति में मामूली चोट या कभी-कभी सामान्य गतिविधि के दौरान भी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो सकता है. इससे अचानक या लगातार कमर दर्द की समस्या हो सकती है. खासकर उम्रदराज लोगों में लगातार कमर दर्द, कद में कमी या झुकाव जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए. समय पर जांच से हड्डियों की स्थिति का पता लगाया जा सकता है.

कुछ गंभीर बीमारियों में भी हो सकता है दर्द

कमर दर्द कभी-कभी शरीर में मौजूद किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है. हालांकि ऐसा कम मामलों में होता है, लेकिन बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार दर्द रहना, रात में दर्द बढ़ना, तेजी से वजन कम होना, लंबे समय तक बुखार रहना या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कुछ मामलों में संक्रमण या कैंसर जैसी गंभीर स्थितियों में भी पीठ या कमर में दर्द हो सकता है. इसलिए ऐसे लक्षण होने पर खुद से दर्द की दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है.

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर कमर दर्द कुछ दिनों के आराम के बाद भी ठीक नहीं हो रहा है या लगातार बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लें. खासकर पैरों में कमजोरी या सुन्नपन, पेशाब या मल पर नियंत्रण में परेशानी, तेज बुखार, अचानक वजन कम होना, चोट के बाद तेज दर्द या रात में लगातार दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है.

कमर दर्द से बचने के लिए क्या करें?

कमर को स्वस्थ रखने के लिए लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें. काम के दौरान बीच-बीच में उठकर थोड़ा चलें और बैठते समय कमर को सही सपोर्ट दें. नियमित हल्की एक्सरसाइज करें और भारी सामान उठाते समय सही तकनीक का इस्तेमाल करें. वजन को नियंत्रित रखना भी फायदेमंद हो सकता है. ध्यान रखें, हर कमर दर्द गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन लगातार या असामान्य दर्द को नजरअंदाज करना सही नहीं है. सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह और जरूरत के अनुसार जांच सबसे जरूरी है.