क्या AC बन रहा है आपकी सेहत का दुश्मन? नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

क्या AC बन रहा है आपकी सेहत का दुश्मन? नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

टीनपी डेस्क (TNP DESK): गर्मी को या बरसात, कई लोगों को AC कि ऐसी आदत हो जाती है कि बिना AC के रह भी नहीं पाते. कई लोग तो ऐसे भी होते है जो ठंड के मौसम में भी AC रूम में सोना पसंद करते है. ऐसे में एयर कंडीशनर (AC) लोगों की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है. घर हो, ऑफिस हो या मॉल, हर जगह लोग गर्मी से राहत पाने के लिए घंटों AC में रहते हैं. हालांकि, ठंडी हवा भले ही आराम देती हो, लेकिन लंबे समय तक AC में रहना आपकी सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है. हाल ही में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, जो लोग रोजाना 6 से 8 घंटे एयर कंडीशनर वाले बंद वातावरण में रहते हैं, उनमें सिक बिल्डिंग सिंड्रोम (Sick Building Syndrome - SBS) के लक्षण अधिक देखने को मिले. यह समस्या खासतौर पर उन इमारतों में होती है जहां प्राकृतिक वेंटिलेशन बहुत कम होता है.

क्या है Sick Building Syndrome (SBS)?

सिक बिल्डिंग सिंड्रोम ऐसी स्थिति है, जिसमें किसी भवन के अंदर रहने या काम करने वाले लोगों को लगातार सिरदर्द, आंखों में जलन, थकान, सांस लेने में परेशानी और एलर्जी जैसी समस्याएं होने लगती हैं. इसका मुख्य कारण बंद वातावरण, खराब एयर क्वालिटी, गंदे AC फिल्टर और ताजी हवा की कमी मानी जाती है.

लंबे समय तक AC में रहने के नुकसान

सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं

AC की ठंडी और सूखी हवा नाक और गले की नमी कम कर देती है. इससे गले में खराश, सूखी खांसी, नाक बंद होना और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है. रिसर्च में यह भी पाया गया कि लंबे समय तक AC में रहने वालों की फेफड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है.

एलर्जी और साइनस की परेशानी

अगर AC के फिल्टर की नियमित सफाई नहीं होती, तो उनमें धूल, फंगस और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं. ये एलर्जी, छींक, नाक बहना और साइनस जैसी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं.

सिरदर्द और लगातार थकान

सिक बिल्डिंग सिंड्रोम का सबसे आम लक्षण लगातार सिरदर्द, चक्कर आना और थकान महसूस होना है. लंबे समय तक बंद और ठंडे वातावरण में रहने से शरीर पर इसका असर दिखाई देने लगता है.

आंखों और त्वचा में सूखापन

AC की हवा में नमी कम होती है, जिससे आंखों में जलन, ड्राई आई की समस्या और त्वचा का रूखापन बढ़ सकता है. संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को खुजली और जलन भी महसूस हो सकती है.

इम्यूनिटी पर असर

लगातार AC में रहने से शरीर बाहरी तापमान के अनुसार खुद को आसानी से ढाल नहीं पाता. इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है और बार-बार संक्रमण या सर्दी-जुकाम का खतरा बढ़ सकता है.

स्टडी में क्या सामने आया?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन में 18 से 45 वर्ष की उम्र के 200 स्वस्थ गैर-धूम्रपान करने वाले लोगों को शामिल किया गया, जो पिछले दो वर्षों से प्रतिदिन 6 से 8 घंटे AC वाले वातावरण में काम कर रहे थे. इनकी तुलना 200 ऐसे लोगों से की गई जो समान कार्य करते थे लेकिन AC का उपयोग नहीं करते थे. रिसर्च में पाया गया कि AC वाले समूह में श्वसन संबंधी समस्याएं, सिरदर्द, त्वचा संबंधी परेशानियां और Sick Building Syndrome के लक्षण अधिक थे. खासतौर पर पुरुष प्रतिभागियों में ये लक्षण महिलाओं की तुलना में ज्यादा देखे गए.

क्या घर का AC भी नुकसान पहुंचाता है?

घर का AC भी नुकसान पहुंचा सकता है, लेकिन इसका जोखिम ऑफिस के मुकाबले कम होता है. घर में लोग बीच-बीच में बाहर निकलते हैं, खिड़कियां खोल सकते हैं और तापमान को अपनी जरूरत के अनुसार नियंत्रित कर सकते हैं. जबकि ऑफिस में लंबे समय तक बंद वातावरण और सेंट्रलाइज्ड AC सिस्टम के कारण ताजी हवा का प्रवाह कम होता है.

AC का सुरक्षित इस्तेमाल कैसे करें?

  • AC का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें.
  • AC के फिल्टर की नियमित सफाई और सर्विसिंग कराएं.
  • हर कुछ घंटों में बाहर निकलकर ताजी हवा लें.
  • दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेट रहे.
  • कमरे में समय-समय पर खिड़कियां खोलकर वेंटिलेशन बनाए रखें.
  • यदि आंखों या त्वचा में ज्यादा सूखापन महसूस हो, तो डॉक्टर की सलाह लें.