जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): जमशेदपुर मेंशिक्षा व्यवस्था को लेकर यूथ कांग्रेस ने गुरुवार को डीसी कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने पूर्वी सिंहभूम जिले के 42 अपग्रेडेड हाई स्कूलों की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. इसके बाद अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा. आरोप लगाया कि स्कूलों को हाई स्कूल का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन आज तक वहां पढ़ाई की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है. यूथ कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिले के ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के छात्रों को 9वीं और 10वीं की शिक्षा उनके क्षेत्र में उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई मिडिल स्कूलों को उच्च विद्यालय में बदला गया था. लेकिन छह महीने से लेकर दो साल गुजर जाने के बाद भी अधिकांश स्कूलों में नियमित कक्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं.
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि करीब 80 प्रतिशत स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की भारी कमी है.
छात्रा पढ़ाई से हो रहे वंचित
कार्यकर्ताओं ने कहा कि गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे जरूरी विषयों के शिक्षक नहीं होने से छात्र पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं. कई विद्यालयों में भवन निर्माण अधूरा है, जबकि बेंच-डेस्क, ब्लैकबोर्ड, बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है. प्रयोगशाला और पुस्तकालय भी उपयोग में नहीं हैं. यूथ कांग्रेस ने इंटरमीडिएट शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए. कहा कि वर्ष 2026 की मैट्रिक परीक्षा में जिले से 20,726 छात्र सफल हुए हैं, लेकिन पूरे जिले में सरकारी प्लस टू स्कूलों की संख्या घटकर सिर्फ तीन रह गई है. इन स्कूलों में कुल लगभग 1,500 छात्रों के नामांकन की ही क्षमता है. ऐसे में हजारों छात्रों के सामने आगे की पढ़ाई का संकट खड़ा हो गया है.
निजी स्कूल उठा रहे फायदा
नेताओं ने कहा कि सरकारी व्यवस्था कमजोर होने का फायदा निजी स्कूल उठा रहे हैं. मजबूरी में अभिभावकों को बच्चों का दाखिला निजी संस्थानों में कराना पड़ रहा है. जहां उनसे मोटी फीस वसूला जा रहा है. यूथ कांग्रेस ने जिला प्रशासन से सभी अपग्रेडेड स्कूलों में तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति करने, भवन और अन्य सुविधाएं पूरी कराने और निजी स्कूलों की फीस संरचना की जांच करने की मांग की. संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.

