छोटी उम्र, बड़ा दिल! जमशेदपुर की स्कूली बच्ची ने साहस से बचाया घायल उल्लू, वन विभाग को सौंपा


जमशेदपुर(JAMSHEDPUR):जमशेदपुर के टेल्को कॉलोनी में 12 वर्षीय छात्रा ने कुत्तों से उल्लू की जान बचाई है, उसके बाद बच्ची ने उल्लू को वन विभाग को सौंपा दिया है. इस काम को देख सभी लोग खुस नजर आ रहें है.आपको बता दें कि टेल्को कॉलोनी में सुबह उस समय खास बन गया, जब कक्षा सात की एक छात्रा ने अपनी सूझबूझ और साहस से एक नन्हे उल्लू की जान बचा ली.विद्या भारती चिन्मिया विद्यालय की कक्षा सात की छात्रा शन्वी किरण महतो (13 वर्ष) सुबह अपने घर के पास, भुवनेश्वरी मंदिर के नजदीक खेल रही थी, तभी उसकी नज़र पास में जमा कुछ कुत्तों की असामान्य गतिविधियों पर पड़ी. जब उसने पास जाकर ध्यान से देखा, तो पाया कि कुत्ते एक नन्हे उल्लू को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे.
बिना डरे छात्रा ने तुरंत कुत्तों को वहां से भगाया
बिना डरे छात्रा ने तुरंत कुत्तों को वहां से भगाया और सहमे हुए उल्लू को सुरक्षित अपने हाथों में उठा लिया.उसने देखा कि उल्लू उड़ने में असमर्थ था और काफी डरा हुआ था. करुणा से भरी छात्रा उसे अपने घर ले गई, जहां उसने उसे मांस खिलाया और ड्राप की मदद से पानी पिलाया.स्थिति की गंभीरता को समझते हुए छात्रा ने तुरंत पूर्वी सिंहभूम के जिला वन पदाधिकारी (डीएफओ) सबा आलम को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी. सूचना मिलने के लगभग एक घंटे के भीतर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उल्लू की स्थिति का जायज़ा लिया.
छात्रा ने नन्हे पक्षी को विधिवत वन विभाग को सौंप दिया
वन अधिकारियों से यह जानने के बाद कि उल्लू वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अनुसूची–एकमे संरक्षित पक्षी है और उसके साथ आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी, छात्रा ने नन्हे पक्षी को विधिवत वन विभाग को सौंप दिया, वन विभाग के अधिकारी ने उस उल्लू को अपने साथ ले कर चले गए.
रिपोर्ट-रंजीत ओझा
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