बिहार में बदलाव की बयार :लालू प्रसाद की बेटी के ट्वीट से सियासी भूचाल,अगला सीएम कौन

    रोहिणी आचार्य ने अपने सोशल मीडिया एक्स  पर लिखा कि मौकापरस्ती और धोखा बिना भुगतान के पीछे नहीं छोड़ते-- भुगतना पड़ गया-- ना चाचा जी, एक-दो दिन में छिन जाएगी कुर्सी और टूट जाएगा नाता सियासत ए बिहार से.  काश -आप रह पाते  बिना पलटी मार के.  रोहिणी का यह  सियासी ट्वीट माना जा रहा है.

    बिहार में बदलाव की बयार :लालू प्रसाद की बेटी के ट्वीट से सियासी भूचाल,अगला सीएम कौन

    धनबाद(DHANBAD):बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना से दिल्ली पहुंच गए है.  शुक्रवार को वह राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण कर सकते हैं.  उसके बाद उनका इस्तीफा होगा और नई सरकार का बिहार में गठन हो जाएगा.   अभी बिहार में सिर्फ एक ही चर्चा है कि नीतीश कुमार के बाद कौन? जैसे ही नीतीश कुमार के पटना से दिल्ली जाने की खबर आई ,सियासत गरमा गई.  राजद  नेताओं के बयान आने लगे.  ऐसे में लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य कहा पीछे रहती।  उन्होंने भी तीखा हमला बोल दिया.  

     रोहिणी आचार्य ने दी है तीखी प्रतिक्रिया 
     
    रोहिणी आचार्य ने अपने सोशल मीडिया एक्स  पर लिखा कि मौकापरस्ती और धोखा बिना भुगतान के पीछे नहीं छोड़ते-- भुगतना पड़ गया-- ना चाचा जी, एक-दो दिन में छिन जाएगी कुर्सी और टूट जाएगा नाता सियासत ए बिहार से.  काश -आप रह पाते  बिना पलटी मार के.  रोहिणी का यह  सियासी ट्वीट माना जा रहा है.   बिहार में अब  नेतृत्व बदलने वाला है.  20 साल पुरानी नीतीश कुमार की सत्ता  का अंत हो जाएगा.   अगली सरकार बीजेपी के नेतृत्व में बनेगी.   पहले राजद  प्रवक्ता एजाज अहमद ने नीतीश कुमार के दिल्ली जाने की खबर आने के बाद भाजपा पर हमला बोले.   कहा कि भाजपा ने तरीके से नीतीश कुमार को बिहार की सत्ता से बेदखल कर दिया.  

     

    चक्रव्यूह में फंसा कर नीतीश कुमार को बिहार से बाहर  किया गया 

     नीतीश कुमार अब चक्रव्यूह में फंस चुके हैं.  यह सब भाजपा की चाल है कि कैसे भी  बिहार की सत्ता पर कब्जा किया जाए.  उन्होंने कहा है कि भाजपा ने नीतीश कुमार से पुराना हिसाब बराबर कर लिया.   बताया जाता है कि नीतीश कुमार के साथ दिल्ली जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और मंत्री विजय कुमार चौधरी भी गए है.  ललन सिंह और अन्य मंत्री पहले से दिल्ली में हैं.  खैर, नीतीश कुमार की अब बिहार से राजनीति लगभग खत्म हो जाएगी.   इसके साथ ही बड़ा सवाल उठ रहा है कि बिहार में जदयू क्या अपना अस्तित्व बचाकर रख पाएगा? यह अलग बात है कि नीतीश कुमार के समय भी जदयू को कई झटके लगे, लेकिन नीतीश कुमार ने चतुराई और अपनी राजनीतिक परिपक्वता से स्थिति को संभाल लिया.   अब बिहार में जदयू का कोई वैसा  नेता दिख नहीं रहा. 
    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो


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