निर्वाचित मेयर संजीव सिंह क्या भाजपा में अपनी "वजन" नापने तीन दिन रहेंगे रांची में,पोस्ट के बाद अटकलें तेज

    निर्वाचित मेयर संजीव सिंह क्या भाजपा में अपनी "वजन" नापने तीन दिन रहेंगे रांची में,पोस्ट के बाद अटकलें तेज
    रविवार की सुबह-सुबह धनबाद के नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह का फेसबुक पर एक पोस्ट आया है.  पोस्ट में कहा गया है सूचनार्थ - प्रिय धनबाद वासियो , आज से 3 दिन तक निजी कार्य के लिए रांची में रहूंगा- आपका संजीव सिंह।

    धनबाद(DHANBAD) | रविवार की सुबह-सुबह धनबाद के नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह का फेसबुक पर एक पोस्ट आया है.  पोस्ट में कहा गया है सूचनार्थ - प्रिय धनबाद वासियो , आज से 3 दिन तक निजी कार्य के लिए रांची में रहूंगा- आपका संजीव सिंह।  इस पोस्ट के बाद अमूमन जैसे सवाल किए जाते हैं, वैसे सवाल हो रहे हैं.  लोग जानना चाह रहे हैं कि इसके पीछे की वजह क्या है? आज से 3 दिन का मतलब हुआ 17 मार्च तक.  18 मार्च को डिप्टी मेयर का चुनाव है.  मतलब साफ है कि डिप्टी मेयर के लिए जो गणित बैठाना  था, वह बैठा लिया गया है.  या हो सकता है कि बैठे गणित को रांची में मजबूती दिया जाए.  

     संजीव सिंह की मुलाकात हो सकती है भाजपा नेताओं से ---

    अभी संजीव सिंह के पैर में चोट है.  हो सकता है कि वह इलाज के लिए रांची गए हो, लेकिन इसकी संभावना कम दिख रही है.  यह भी कयास  लगाए जा रहे हैं कि हो सकता है कि मेयर चुनाव जीतने के बाद अपनी राजनीतिक ताकत का भाजपा में  "वजन" नापने के लिए वह तीन दिन तक रांची में रहें।  इस दौरान भाजपा के नेताओं से भी उनकी मुलाकात हो सकती है.  दरअसल, भाजपा ने निकाय चुनाव में जीते उम्मीदवारों के लिए जो अभिनंदन समारोह आयोजित किया था.  उसमें संजीव सिंह नहीं पहुंचे थे.  उसके बाद से यह  चर्चा चल पड़ी थी कि जदयू के नेता संजीव सिंह पर डोरे डाल रहे हैं.   हालांकि इन सब मुद्दों पर संजीव सिंह बिलकुल चुप हैं.  वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं.  

    क्यों कहा जा रहा -वापसी हो तो संजीव सिंह की तरह ---

    बता दे कि  भाजपा सहित अन्य दलों के तमाम तिकड़मों  को दरकिनार कर संजीव सिंह भारी मतों से मेयर का चुनाव जीत चुके हैं.  कहा जा रहा है कि राजनीति में अगर वापसी हो तो संजीव सिंह जैसा।  8 साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद जब वह बरी  होकर जेल से बाहर निकले तो मेयर की कुर्सी उनकी प्रतीक्षा कर रही थी.  काफी गुणा -भाग के बाद उन्होंने मेयर का चुनाव लड़ना तय किया और अंत अंत तक चुनाव मैदान में डटे रहे.  नतीजा हुआ कि वह चुनाव जीत गए.  धनबाद के चारों विधानसभा क्षेत्र में उन्हें अच्छा समर्थन मिला।  भाजपा समर्थित प्रत्याशी चार नंबर पर चले गए.  झामुमो  समर्थित प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे, कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी तीसरे नंबर पर थे.  यह चुनाव परिणाम कई धनबाद के मजबूत "स्वयंभू" नेताओं को  परेशान कर रहा है.  डिप्टी मेयर के चुनाव में भी तिकड़म किया गया, लेकिन अब केवल चुनाव की औपचारिकता शेष है, ऐसा सूत्र बताते हैं. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news