क्या लठैतों की मर्जी से चलेगी बीसीसीएल की खदानें, क्यों उठ रहे सीआईएसएफ-पुलिस पर सवाल !

    क्या लठैतों की मर्जी से चलेगी बीसीसीएल की खदानें, क्यों उठ रहे सीआईएसएफ-पुलिस पर सवाल !

    धनबाद(DHANBAD) : बीसीसीएल के कंधे पर सीआईएसएफ का भारी बोझ है.  लेकिन अब इस बल की भूमिका भी सवालों के घेरे में है.  तो धनबाद पुलिस की हनक पर भी सवाल उठ रहे हैं.  कोयलांचल में अब एक अलग किस्म की दादागिरी शुरु हो गई है.  कहीं आउटसोर्सिंग कंपनी के "बाहुबली"  बीसीसीएल के अधिकारी और कर्मचारियों को पीट रहे हैं, तो कोयला चोर और बदमाश भी कर्मियों की पिटाई करने से पीछे नहीं है.  दरअसल ,लोदना  आउटसोर्सिंग कंपनी में बीसीसीएल के अधिकारियों और कर्मियों की पिटाई का मामला अभी सुर्खियों में है.  

    इस बीच विश्वकर्मा परियोजना में भी एक बड़ी घटना सामने आ गई है.  शनिवार  को हुई इस घटना ने बीसीसीएल मैनेजमेंट को भी परेशानी में डाल दिया है.  दरअसल, धनसार  स्थित बीसीसीएल की विश्वकर्मा परियोजना में शनिवार की शाम कुछ लोगों ने हाजिरी घर में घुसकर हमला कर दिया।  लोडिंग क्लर्क और ड्रिल मैन फीटर को गंभीर रूप से घायल हो गए.  इस हमले से परियोजना में अफरा तफरी मच गई और भगदड़  की स्थिति उत्पन्न हो गई.  सूचना पर सीआईएसएफ इंस्पेक्टर और पुलिस के अधिकारी पहुचें।  घायलों को केंद्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं.

    अधिकारियों के अनुसार कोयला उठाने से मना किया गया तो बीसीसीएल के कर्मियों पर हमला बोल दिया गया.  बताया गया कि विश्वकर्मा परियोजना में कुछ महिलाएं और बच्चे कोयला उठा कर ले जा रहे थे.  आरोप  है कि मना करने पर वहां बीसीसीएल कर्मी के साथ बहस हुई.  इसके बाद दर्जनों की संख्या में लोग बीसीसीएल कर्मियों की तलाश में हाजिरी घर पहुंचे और हमला कर दिया।  हमलावरों ने कई कर्मियों के साथ मारपीट की.  कुछ कर्मियों ने हाजिरी घर में घुसकर दरवाजा बंद कर लिया तो वह दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए और लाठी डांटे से पिटाई कर दी. बाद में अन्य कर्मियों ने दोनों घायलों को उठाकर इलाज के लिए सेंट्रल अस्पताल धनबाद पहुंचाया, घटना के बाद यूनियन नेताओं में भारी आक्रोश है.

    उनका कहना है कि आए दिन मजदूरों के साथ मारपीट की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रबंधन उनकी सुरक्षा के लिए कोई ठोस उपाय नहीं कर रहा है.  उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक विश्वकर्मा परियोजना का काम बंद रहेगा। इस घटनाओं  ने कोयलांचल में भय  का माहौल पैदा कर दिया है. क्या बीसीसीएल मैनेजमेंट रंगदारों के आगे घुटने टेक दिया है? क्या बीसीसीएल में कार्यरत सीआईएसएफ सिर्फ दिखाने के लिए ही? कोलियरी  मैनेजमेंट मारपीट करने वालों के खिलाफ नामजद  प्राथमिकी   क्यों नहीं दर्ज कराता  है.  यह सब ऐसे सवाल हैं जो कोयलांचल  की हवा में तैर रहे हैं.



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