झारखंड की आठ लेन सड़क की हालत से क्यों नाराज है विश्व बैंक, जानिए किसे पत्र लिख नाराजगी जताई है

    झारखंड की आठ लेन सड़क की हालत से क्यों नाराज है विश्व बैंक, जानिए किसे पत्र लिख नाराजगी जताई है

    धनबाद(DHANBAD): विश्व बैंक की मदद से झारखंड की पहली आठ लेन सड़क धनबाद में अभी तो बन ही रही है. कार्य की धीमी गति को लेकर यह सड़क चर्चे में है ,लेकिन उसके पहले ही अतिक्रमणकारियों ने अपना अपना ठिकाना ढूंढ लिया है. सड़क पर कब्जा शुरू हो गया है. अभी अगर इस सड़क से आप गुजरेंगे तो पाएंगे कि गोल बिल्डिंग से लेकर कांको तक के बीच, रोड पर अवैध वाहन पार्किंग बना दी गई है ,तो कहीं कहीं दुकानें खोली गई है. विश्व बैंक की टीम ने इस पर आपत्ति जताई है. टीम ने स्टेट हाईवे अथॉरिटी ऑफ झारखंड को पत्र लिखकर रोड को अतिक्रमण मुक्त कराने को कहा है. धनबाद नगर निगम को भी पत्र लिखा गया है. निगम सूत्रों का कहना है कि अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर लिया गया है. उन्हें जल्द नोटिस दिया जाएगा. अगर वह खुद नहीं हटते हैं तो जबरन हटाया जाएगा. विश्व बैंक की टीम अभी हाल ही में दौरा भी की थी और इस दशा पर नाराजगी व्यक्त की थी. जानकारी के अनुसार अतिक्रमणकारियों में अस्पताल के संचालक, आवासीय सोसाइटी और व्यापारिक प्रतिष्ठान से लेकर फुटपाथ दुकानदार तक शामिल है .कई जगहों पर अवैध पार्किंग बना ली गई है. ऐसे में इस सड़क का कोई लाभ लोगों को नहीं मिलेगा. वाहनों की अवैध पार्किंग की चर्चा चल ही रही है तो धनबाद शहर के कई सड़कों पर पार्किंग गलत ढंग से बना ली गई है. पूजा टॉकीज स्टेशन रोड की बात करें तो सड़क के दोनों ओर पार्किंग लगा दी गई है. रांगा टांड़ की बात करें तो ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ऑटो वालों का कब्जा होता है. ऑटो वालों के लिए अलग लेन भी बनाया गया लेकिन उसका पालन नहीं होता. पैसेंजर उठाने के लिए इतनी अधिक आपाधापी हो जाती है कि पुलिस के जवान भी कभी-कभी अपने को असहाय महसूस करने लगते हैं. धनबाद में सड़कों की स्थिति तो वही है लेकिन वाहनों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है. सड़क के किनारे गरजी खोल लिए जाते हैं. गाड़ियों की मरम्मत होती है ,सिर्फ छोटी गाड़ियां ही नहीं बल्कि बस तक की मरम्मत सड़क के किनारे ही होती है. ऐसे में ट्रैफिक सुचारू कैसे रह सकता है, जवानों की भी कमी है.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो


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