इस सीट पर "सांप भी मर जाए-लाठी भी नहीं टूटे" के लिए  क्यों काम कर रही भाजपा, पढ़िए विस्तार से !

    इस सीट पर "सांप भी मर जाए-लाठी भी नहीं टूटे" के लिए  क्यों काम कर रही भाजपा, पढ़िए विस्तार से !

    धनबाद(DHANBAD) : झारखंड में भाजपा की यह योजना अगर सफल हो गई, तो सांप भी मर जाएगा और लाठी भी नहीं टूटेगी. दरअसल, जमशेदपुर पूर्वी सीट को लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और फिलहाल ओडिशा के राज्यपाल रघुवर दास अड़े  हुए है. कह रहे कि भाजपा की यह पारंपरिक सीट है और यह सीट किसी दूसरे के खाते में नहीं जानी चाहिए. सूत्र बताते हैं इसके लिए उन्होंने दिल्ली तक की दौड़ लगाईं. विशेष कर वह नहीं चाहते कि जमशेदपुर पूर्वी सीट से सरयू राय चुनाव लाडे.  इधर, सरयू राय ने भी संकेत दिया है कि वह जमशेदपुर पश्चिम सीट से लड़ेंगे.  लोग बताते हैं कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से एक बार फिर बढ़े  विवाद की वजह से सरयू राय का मन डोला है और वह जमशेदपुर पश्चिम से चुनाव लड़ने को लगभग तैयार हो गए हैं, ऐसा सूत्रों का दावा है. 

    नाक के लिए नहीं, चुनाव जितने के लिए लड़ाई लड़ेगा एनडीए 
     
    उन्होंने कहा भी है कि झारखंड के विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन के कौन लोग किस सीट से चुनाव लड़ रहे है. यह  महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि कितने लोग चुनाव जीत पाते है.  सरयू राय भी  अगस्त महीने में जदयू में शामिल हुए.  उस समय तो यही कयास  लगाए जा रहे थे कि वह जमशेदपुर पूर्वी सीट से गठबंधन के तहत चुनाव लड़ेंगे. लेकिन अब परिस्थितिया  धीरे-धीरे बदल रही है. अगर सरयू राय जमशेदपुर पश्चिमी शिफ्ट हो जाते हैं तो भाजपा की पारंपरिक सीट भी बच जाएगी और रघुवर दास की जिद भी पूरी हो जाएगी. वैसे कहा तो यही जाता है कि 2019 में रघुवर दास की जिद  की वजह से ही सरयू राय को टिकट नहीं मिला था.  तब वह जमशेदपुर पूर्वी से निर्दलीय रघुवर दास के खिलाफ चुनाव लड़ गए और जीत हासिल की. 

    एक सीट से बदल गया था झारखंड की राजनीति का परिदृश्य

    झारखंड की सिर्फ एक सीट ने  झारखंड की राजनीति के पूरे परिदृश्य को बदल दिया था. यह बात सच है कि विधानसभा चुनाव में कई रकनीतिक गणित साधे जाएंगे. यह भी सच है कि झारखंड में विधानसभा का चुनाव प्रचार तीखा होगा. पहले से ही आरोप प्रत्यारोप की झड़ी लग रही है. चुनाव घोषणा के बाद तो और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. हरियाणा चुनाव परिणाम से भाजपा और उसके नेता उत्साहित हैं, तो इंडिया गठबंधन भी कमर कस कर तैयार है. गठबंधन में सीटों के बंटवारा पर बातचीत का सिलसिला तेज हो गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात की है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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