BCCL के पूर्व सीएमडी समीरण  दत्ता  की क्यों बढ़ सकती है मुश्किलें, पढ़िए-कैसे आगे बढ़ रही जाँच !

     BCCL के पूर्व सीएमडी समीरण  दत्ता  की क्यों बढ़ सकती है मुश्किलें, पढ़िए-कैसे आगे बढ़ रही जाँच !

    धनबाद (DHANBAD) : बीसीसीएल के पूर्व सीएमडी समीरण दत्ता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. उनके खिलाफ जांच तेज हो गई है. बता दें कि समीरण दत्ता अवकाश ग्रहण कर चुके है. उसके बाद से ही उन पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है. ठेका-पट्टा सहित भरी मशीनों की खरीद  में भी गड़बड़ी के आरोप है. सूत्रों के अनुसार केंद्रीय सतर्कता आयोग मामले की जांच कर रहा है.  जांच टीम धनबाद पहुंच गई है. जांच को विशेषज्ञ टीम भी आ सकती है. जानकारी के अनुसार पूर्व सीएमडी  के ग्रेच्युटी भुगतान पर फिलहाल रोक है. बीसीसीएल के अन्य अधिकारी भी जांच के दायरे में है.अब जब तक समीरण दत्ता  के मामले में जाँच क्लीयरेंस नहीं मिल जाता, तब तक ग्रेच्युटी की राशि का पेमेंट भी नहीं होगा. कंट्रीब्यूटरी पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकल स्कीम कार्ड भी निर्गत नहीं किया जाएगा.  

    आउट सोर्स कंपनियों के साथ टेंडर-टेंडर के खेल की भी हो रही जाँच 

    सूत्र बताते हैं कि आउटसोर्सिंग कंपनियों के साथ टेंडर- टेंडर के खेल के मामले की जांच चल रही है. इसके अलावे भारी मशीनों की खरीद के मामले भी जांच के दायरे में है. सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों आउटसोर्सिंग के दो अलग-अलग मामलों में सर्वाधिक विचलन को मंजूरी देने के लिए कई अधिकारियो  को शो -कॉज  किया गया था. आरोप  था कि एनआईटी और टेंडर दस्तावेज में यह  प्रावधान था कि अनुबंध मूल्य में 30% तक ही विचलन की अनुमति दी जाएगी, लेकिन जांच से पता चला था कि प्रथम विचलन में ही यह सीमा पार कर ली गई थी. इस मामले में कई अधिकारियों को शो-कॉज भी किया गया था, कुछ को चार्ज शीट  भी हुआ था.  समीरण दत्ता  के अवकाश ग्रहण करने के बाद बीसीसीएल के ही डायरेक्टर टेक्निकल रहे मनोज कुमार अग्रवाल को बीसीसीएल का सीएमडी  बनाया गया है. 

    बीसीसीएल वित्तीय वर्ष 23- 24 में कोल् इंडिया को दिया था लाभांश चेक 
     
    यह बात सच है कि बीसीसीएल पहले बीमार  कंपनियों की सूची में थी, लेकिन अब वह उससे बाहर आ गई है. यह कहना अप्रासंगिक नहीं होगा कि  धनबाद रेल मंडल के बाद देश की कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया की अनुषंगी इकाई भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसी एल )ने 44.43 करोड़ रुपए का लाभांश चेक अपने पैतृक संस्थान कोल इंडिया लिमिटेड को  वित्तीय वर्ष 23- 24  सौंपा था. यह काम बीसीसीएल ने अपने अस्तित्व में आने के बाद पहली बार किया था. भारत को किंग कोल लिमिटेड कभी बीमार कंपनियों की सूची में शामिल थी. लेकिन अपने संचित घाटे को खत्म कर अपना पहला लाभांश घोषित किया था.

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो  


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