होली मिलन के बहाने संजीव सिंह ने दिखाई अपनी "राजनीतिक ताकत" तो क्यों याद आया सूर्यदेव सिंह का ज़माना

    होली मिलन के बहाने संजीव सिंह ने दिखाई अपनी "राजनीतिक ताकत" तो क्यों याद आया सूर्यदेव सिंह का ज़माना

    धनबाद(DHANBAD): धनबाद का मजबूत घराना "सिंह मेंशन" एक बार फिर कोयलांचल  की राजनीति का केंद्र बिंदु बन गया है. .  सोमवार को सिंह मेंशन में एक साथ होली और दिवाली मनाई। .  लेकिन इसके लिए सिंह मेंशन परिवार को 8 साल से भी अधिक का इंतजार करना पड़ा.  यह कार्यक्रम नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह और झरिया की विधायक रागिनी सिंह द्वारा आयोजित किया गया था.  कार्यक्रम में काफी भी भीड़ जुटी।  लोग संजीव सिंह तक पहुंचने के लिए आपाधापी करते दिखे।  सोमवार की सुबह से सिंह मेंशन के अंदर और बाहर समर्थकों का तांता  लगा रहा.  ढोल -नगाड़ों की थाप  , लोकगीतों की गूंज और रंगों की बौछार से पूरा सिंह मेंशन उत्साह में डूब गया था. 

     एक तरह से यह आयोजन यादगार बन गया.  आखिर ऐसा हो भी क्यों नहीं, 8 साल के बाद सिंह मेंशन में खुशियां लौटी थी.  एक तो संजीव सिंह अपने चचेरे भाई नीरज सिंह हत्याकांड में वरी  होकर जेल से बाहर आए और उसके बाद मेयर का चुनाव लड़ा.  भारी मतों से वह चुनाव जीत गए और उनके खिलाफ के तमाम रणनीतिकारो  की नीति और उनकी चाल धराशाई हो गई. यह  अलग बात है कि मेयर चुनाव प्रचार के दौरान भी संजीव सिंह को कई बाधाओं को लांघना  पड़ा. प्रदेश से लेकर केंद्र का भाजपा संगठन उन पर चुनाव से हट जाने का दबाव बनाया।  बावजूद वह अपने निर्णय पर अडिग रहे. 

    यह  अलग बात है कि भाजपा के ही कुछ लोग उन्हें अंदरखाने सपोर्ट भी कर रहे थे.  कई तरह की चर्चाएं की गई.  संजीव सिंह के खिलाफ   अमर्यादित भाषा का उपयोग भी किया गया.  बावजूद सरल स्वभाव के संजीव सिंह सब कुछ बर्दाश्त किया और अपने मकसद में लगे  रहे.  समर्थकों को एकजुट  करते रहे, परिणाम हुआ कि वह भारी मतों से चुनाव जीत गए और भाजपा समर्थित उम्मीदवार चौथे नंबर पर चला गया.  यह बात एक बार फिर सोमवार को साबित हुई कि अपने पिता स्वर्गीय सूर्यदेव सिंह की तरह ही संजीव सिंह और रागिनी सिंह ने अपने समर्थकों की एक बड़ी फौज खड़ी कर ली है और इसी का परिणाम हुआ कि तमाम विद्रोह के बावजूद सिंह मेंशन का झंडा निगम चुनाव में बुलंद हुआ. 

    उल्लेखनीय है कि  कोयलांचल का चर्चित सिंह मेंशन एक बार फिर रंगों और उत्साह से सराबोर दिखा, साढ़े आठ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद यहां भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया.  सिंह मेंशन परिसर सुबह से ही उत्सव के रंग में रंगा नजर आया, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक फगुआ गीतों की धुन पर समर्थक झूमते रहे.  झरिया विधायक रागिनी सिंह ने महिला मंडली के साथ पारंपरिक अंदाज में होली खेली।  उन्होंने महिलाओं के साथ फगुआ गीत गाए और रंग-गुलाल लगाकर सभी को शुभकामनाएं दीं, वहीं निर्वाचित मेयर संजीव सिंह समर्थकों के बीच पहुंचे और सभी के साथ रंगों का त्योहार मनाया. 

    संजीव सिंह के जेल से बाईज्जत बाहर आने के बाद यह पहला अवसर था , जब पूरे परिवार और समर्थकों के साथ सिंह मेंशन में होली मिलन समारोह आयोजित किया गया था. हाल ही में नगर निगम चुनाव में मेयर पद पर उनकी जीत से समर्थकों में दोहरी खुशी देखने को मिली। इस अवसर पर निर्वाचित मेयर संजीव सिंह ने कहा कि होली आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का पर्व है.  उन्होंने कहा कि वे धनबाद की जनता के साथ मिलकर होली मना रहे हैं और शहर की उन्नति, सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना करते है.  उन्होंने सभी नगरवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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