इस माँ को आप क्या कहेंगे ,खुद के पांच और सात साल के बच्चों के हाथ में 60 रुपये देकर भाग गई ,फिर क्या हुआ जानिए 

    इस माँ को आप क्या कहेंगे ,खुद के पांच और सात साल के बच्चों के हाथ में 60 रुपये  देकर भाग गई ,फिर क्या हुआ जानिए

    धनबाद (DHANBAD) :  एक तरफ लोग बच्चे की लालसा में  मंदिर- मंदिर घूम कर माथा टेकते है.  मन्नते मांगते हैं ,वही धनबाद में एक माँ ऐसी मिली जो अपने एक 5 साल और एक 7 साल के बच्चे को धनबाद रेलवे स्टेशन पर छोड़कर भाग गई.  गनीमत रही कि  सीडब्ल्यूसी ने इन बच्चों के अभिभावकों को ढूंढ निकाला है. माता तो नहीं मिली, पिता तो 2018 में ही स्वर्ग सिधार गए थे.  उसके बाद बच्चे मां के साथ रहते थे.  मां के पास  आर्थिक तंगी भी थी.  कुछ नशे की लत भी  थी.  जिस वजह से वह बच्चों के परिवरिश  इसमें परेशानी झेल रही थी.  अंततः उसने बच्चों के हाथ में ₹60 देकर धनबाद स्टेशन पर छोड़ दिया और कहीं चली गई .  

    माँ तो नहीं मिली लेकिन अभिभावक मिल गए 

    काफी प्रयास के बाद भी मां को नहीं खोजा जा सका है, लेकिन बच्चों के दादा और मौसी मंगलवार को धनबाद के सीडब्ल्यूसी कार्यालय पहुंचे.  और कागजी  प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चों को उन्हें हैंडोवर कर दिया गया.  बच्चों के दादा और मौसी ने कहा कि वह बच्चों को लेकर उनकी परवरिश करेंगे,  अच्छा नागरिक बनाने की कोशिश करेंगे.  सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष उत्तम कुमार मुखर्जी ने कहा कि काफी प्रयास और पुलिस के सहयोग से खेलारी  से बच्चों के अभिभावकों को ढूंढ निकाला गया है.  उन्होंने कहा कि बच्चों के स्टेशन पर मिलने की सूचना के बाद सीडब्ल्यूसी ने कायदे- कानून से थोड़ा हटकर बच्चों के लिए काम किया और अंततः उन्हें सफलता मिली.  उत्तम मुखर्जी ने  अंदेशा जताया है कि धनबाद स्टेशन पर मानव तस्करी गिरोह लगता है कि सक्रिय हो गया है. नशे के आदि बच्चे  पटना से धनबाद पहुंच रहे है. यह एक खतरनाख संकेत है.  

    धनबाद स्टेशन पर छोटे-छोटे बच्चे नशा करते दिख जाएंगे

    धनबाद स्टेशन पर छोटे-छोटे बच्चे नशा करते आपको दिख जाएंगे.  अभी 4 दिन पहले ही धनबाद स्टेशन परिसर से गायब हुई एक 4 साल की बच्ची को जीआरपी ने चंद्रपुरा से बरामद किया है.  वह बच्ची 2 फरवरी को गायब हुई थी, 8 फरवरी को काफी दौड़ भाग के बाद प्राथमिकी हुई.  उसके बाद बच्ची को चंद्रपुरा से बरामद किया गया है.  अपहरण कर ले जाने  वाले को जेल भेज दिया गया है लेकिन अभी भी बच्ची की हालत ठीक नहीं है.  धनबाद के SNMMCH में उसका इलाज चल रहा है.  डॉक्टरों के अनुसार सांस लेने में परेशानी हो रही है.  अपहरण कर ले जाने वाले ने बेरहमी से उसके शरीर को भी दागा  है. संभवत भय बनाने के लिए और उस बच्ची से भीख मंगवाने के लिए उसे अपहरण कर ले जाया गया था.

    रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह 



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