धनबाद को मिथिलांचल से जोड़ने का रेलवे ने क्या दिया विकल्प, पढ़िए इस रिपोर्ट में

    धनबाद को मिथिलांचल से जोड़ने का रेलवे ने क्या दिया विकल्प, पढ़िए इस रिपोर्ट में

    धनबाद(DHANBAD) : धनबाद के लोगों की एक पुरानी मांग पूरी होने जा रही है. रेगुलर तो नहीं लेकिन वीकली से भी धनबाद को बड़ी राहत मिल सकती है. धनबाद से सीधी ट्रेन तो नहीं है, फिर भी राहत की खबर है. धनबाद पर रेलवे ने आधी-अधूरी ही सही लेकिन दया दिखाई है. धनबाद के लोगों को मिथिलांचल के लिए वाया ही सही एक नई ट्रेन मिली है. यह ट्रेन 16 अगस्त से टाटानगर से जयनगर के बीच चलेगी. इस ट्रेन को राउरकेला-जयनगर एक्सप्रेस के रूट पर यानी वाया धनबाद चलाने की घोषणा पहले ही की गई थी. अब नई ट्रेन को 16 अगस्त से पटरी पर उतारने  की घोषणा कर दी गई है. 18 119 टाटानगर- जयनगर एक्सप्रेस 16 अगस्त से हर शुक्रवार को शाम  6:50 पर टाटा से रवाना होगी. बीच के स्टेशनों पर रुकते हुए रात 12:40 पर धनबाद पहुंचेगी. सुबह 11:30 बजे यह ट्रेन जयनगर पहुचेंगी. 

    बोकारो स्टील और कुमारधुबी मनाही रुकेगी यह ट्रेन 

    ट्रेन को प्रधानखंता और राजा बेड़ा जैसे स्टेशनों पर भी स्टॉपेज दिया गया है.  लेकिन एक सवाल फिर उठ रहा है कि यह ट्रेन बोकारो स्टील और कुमारधुबी जैसे इंपॉर्टेंट स्टेशनों पर नहीं रुकेगी, वापसी में 18120 जयनगर- टाटा एक्सप्रेस 17 अगस्त से हर शनिवार की शाम 7:30 बजे जयनगर से रवाना होगी. यह  ट्रेन सुबह 5:55 पर धनबाद और 11:30 पर टाटानगर पहुचेंगी. इस ट्रेन के चलने से दरभंगा, मधुबनी और जयनगर के साथ टाटानगर और झारखंड के अन्य स्टेशनों पर जाने के लिए धनबाद के लोगों को एक अच्छा विकल्प मिल गया है. जानकारी मिली है कि यह ट्रेन टाटानगर-गोड्डा एक्सप्रेस की रैक से चलेगी.  
     
    कोयलांचल में मिथिलांचल के काफी संख्या में लोग रहते हैं

    कोयलांचल में मिथिलांचल के काफी संख्या में लोग रहते हैं, इससे उनको सीधा लाभ मिलेगा. धनबाद को भले ही धन से आबाद कहा जाता है, भले ही यहां का रेल मंडल देश का नंबर एक कमाऊ पूत है. भले ही धनबाद रेल मंडल की कमाई से रेल मंत्रालय की छाती चौड़ी होती है, लेकिन धनबाद को सुविधाओं के लिए तरसाया जाता है. धनबाद से बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली,पुणे, पुरी की सीधी ट्रेन नहीं है. धनबाद से दिल्ली के लिए हर दिन सैकड़ों लोग रेल मार्ग से यात्रा करते हैं, पर धनबाद से दिल्ली के लिए कोई ट्रेन नहीं खुलती. लोगों को हावड़ा और सियालदह से आने वाली ट्रेनों पर ही आश्रित रहना पड़ता है. धनबाद से दिल्ली के लिए ट्रेन की मांग 20 वर्षों से लगातार की जा रही है. इसपर रेलवे ने कभी ध्यान तक नहीं दिया. नतीजा धनबाद को आज तक दिल्ली के लिए ट्रेन नहीं मिल सकी.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  


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