धनबाद(DHANBAD): झारखंड से लेकर बिहार तक महागठबंधन में शुरू हुई खटपट के बीच राजद नेता तेजस्वी यादव का एक बड़ा बयान आया है. तेजस्वी यादव ने साफ किया है कि बिहार के चुनाव में गठबंधन के किसी भी साथी को नकारा नहीं गया . उन्होंने कहा कि एक या दो लोगों को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अनुशंसा पर टिकट दिया गया है. यह अलग बात है कि इस मुद्दे पर झामुमो की अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. झामुमो फिलहाल असम चुनाव में जुटा हुआ है. यह बात जरूर है कि बिहार में झामुमो को एक भी सीट नहीं दी गई थी.
बिहार चुनाव में महागठबंधन का परफॉर्मेंस अच्छा नहीं रहा
यह अलग बात है कि बिहार चुनाव में महागठबंधन का परफॉर्मेंस अच्छा नहीं रहा. एनडीए गठबंधन ने बाजी मार ली और राजद सहित महागठबंधन के अन्य दलों को "बैक फुट" पर भेज दिया। झारखंड में अभी गठबंधन में दरार की खबरें बाहर आ रही हैं. कोई सुझाव दे रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कांग्रेस से गठबंधन तोड़ लेना चाहिए, तो कोई इस बात का फार्मूला दे रहा है कि कांग्रेस के बगैर कैसे झारखंड में सरकार बन सकती है. तेजस्वी यादव पर आरोप लगते हैं कि वह बिहार के चुनाव में झामुमो को टिकट देने में कोई इंटरेस्ट नहीं लिया। झामुमो को धोखे में रखा गया. तेजस्वी यादव इसलिए ज्यादा चर्चा में रहे कि टिकट बंटवारे के ड्राइविंग सीट पर वही थे. वैसे राजद की अब झारखंड में रूचि अधिक दिख रही है. राजद नेता और बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव झारखंड के दौरे पर थे. उन्होंने झारखंड में कार्यकर्ताओं को पुचकारा भी और ललकारा भी.
क्यों कहा -किसी के आने जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता
उन्होंने यह कहकर एक चेतावनी भी दे दी कि किसी के आने -जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता. इस सिलसिले में उन्होंने फिलहाल की केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी का नाम गिनाया. सवाल किया कि क्या अन्नपूर्णा देवी चली गई, तो पार्टी टूट गई? उनके जाने के बाद भी 7 सीटों पर लड़कर पार्टी के चार विधायक झारखंड में हैं. तेजस्वी यादव ने यह सब बातें ऐसे समय में कही है, जब झारखंड में गठबंधन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. उल्लेखनीय है कि अभी झारखंड में राज्यसभा का चुनाव भी होने जा रहा है. दो सीटों पर चुनाव होगा ,बिहार में तो राजद अपने उम्मीदवार को नहीं जीत दिला सका. वहां राज्यसभा के चुनाव में गुणा -गणित बिगड़ गया. अब झारखंड में होने वाला है. राजद के झारखंड में चार विधायक हैं. यह अलग बात है कि एक उम्मीदवार को तो अपने भरोसे झामुमो विजई बना सकता है, लेकिन दूसरे उम्मीदवार के लिए कई तरह के गुणा -भाग की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में तेजस्वी यादव का झारखंड दौरा कई तरह से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
Thenewspost - Jharkhand
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