पश्चिम सिंहभूम: दो महीने में तीन मुठभेड़, बार-बार बचकर निकल रहा एक करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा

    पश्चिम सिंहभूम: दो महीने में तीन मुठभेड़, बार-बार बचकर निकल रहा एक करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा

    चाईबासा (CHAIBASA): पश्चिम सिंहभूम के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच लगातार मुठभेड़ हो रही है.  लेकिन हर बार एक करोड़ का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा बच निकल रहा है. पिछले दो महीनों में सारंडा, पोड़ाहाट और कोल्हान के जंगलों में तीन बड़ी मुठभेड़ हुईं. लेकिन हर बार मिसिर अपने साथियों के साथ भागने में सफल रह रहा है. मिसिर अब सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बन गया है. इन लगातार अभियानों के बावजूद मिसिर बेसरा  का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है. वह लंबे समय से सुरक्षा बलों के लिए सिरदर्द बना हुआ है. हर बार मुठभेड़ के दौरान नक्सली मिसिर अपने दस्ते के साथ जंगलों और पहाड़ी इलाकों का फायदा उठाकर भाग निकल रहा है. हालांकि हालिया मुठभेड़ों में सुरक्षाबलों को कुछ सफलता भी मिली है. एक लाख के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है. जबकि अभियान के दौरान 6 जवान भी घायल हुए. इसके बावजूद भी मिसिर बेसरा अब भी फरार हैं. मिसिर के अलावा एक करोड़ के इनामी असीम मंडल, 25 लाख के इनामी सचिन समेत कई बड़े नक्सली भी बच निकल रहे है. 1500 से अधिक जवान कोल्हान, सारंडा और पोड़ाहाट के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रहे है. लगातार हो रही मुठभेड़ों के बाद अब सवाल उठ रहा है कि आखिर इन शीर्ष नक्सलियों तक पहुंचने में सुरक्षाबलों को इतनी मुश्किल क्यों हो रही है?

    2 महीने में कब -कब हुई मुठभेड
    15 अप्रैल को सारंडा के छोटानागरा थाना क्षेत्र के बलिबा, चडराडेरा और डोलाईगारा के बीच नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई. यह मुठभेड तीन दिनों तक चली. एक भी नक्सली मारे नहीं गए. जबकि आईईडी विस्फोट की चपेट में आकर कोबरा बटालियन के एक इंस्पेक्टर सहित 5 जवान घायल हो गए. मिसिर अपने दस्ते के साथ भागने में सफल रहा. दूसरी मुठभेड़ 29 अप्रैल को कोल्हान के रुतुगुतु-तुनबेड़ा क्षेत्र में हुई. इसमें एक लाख का इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति मारा गया. अन्य नक्सली भाग निकले. इस दौरान सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के कई हथियार बरामद किए. तीसरी मुठभेड़ 19 मई को पोड़ाहाट जंगल में हुई. इसमें 2 नक्सलियों की मारे जाने की सूचना है लेकिन पुलिस को ओर से अभी तक उसकी पुष्टि नहीं की गई है. पोड़ाहाट जंगल के केड़ाबीर पहाड़ी क्षेत्र में यह मुठभेड हो रही है. अभी भी रुक रुक कर नक्सलियों द्वारा फायरिंग की जा रही है. सूचना है कि सुरक्षाबलों की मुठभेड सलुका कायम दस्ते के साथ हो रही है. 

    जनवरी में मारे गए थे 17 नक्सली
    इसी साल सारंडा के जंगल में 22 जनवरी को सबसे बड़ी मुठभेड़ हुई थी. किरीबुरू थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई इस भीषण मुठभेड़ में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी सफलता हासिल की थी.सर्च अभियान के दौरान सुरक्षाबलों का नक्सलियों के बड़े दस्ते से आमना-सामना हुआ. इस कार्रवाई में माओवादियों के शीर्ष कमांडर और सेंट्रल कमेटी सदस्य पतिराम मांझी उर्फ अनल दा मारा गया. उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. उसके साथ 25 लाख का इनामी नक्सली अनमोल दा भी ढेर कर दिया गया. मुठभेड़ में कुल 17 माओवादी मारे गए थे, जिनमें कई सक्रिय और वांछित सदस्य शामिल थे. मृतकों में अमित मुंडा, पिंटू लोहारा, लालजीत और राजेश मुंडा जैसे नाम भी सामने आए थे. सारंडा के घने जंगल में हुई इस कार्रवाई को नक्सलियों के लिए बड़ा झटका माना गया. क्योंकि इसमें संगठन के कई अहम सदस्य एक साथ मारे गए और क्षेत्र में उनकी गतिविधियों को गहरी चोट पहुंची. 

    बिखर गया है मिसिर का दस्ता
    लगातार हो रही मुठभेड के कारण मिसिर बेसरा का दस्ता पूरी तरह से बिखर गया है. सारंडा, पोड़ाहाट और कोल्हान के जंगलों में नक्सली अलग- अलग दस्ते में घूम रहे है. इसी बीच कई नक्सली सरेंडर के किए पुलिस से संपर्क में भी है. लेकिन मिसिर बेसरा सुरक्षाबलों के हाथ नहीं लग रहा है. माना जा रहा है मिसिर बेसरा के एनकाउंटर के बाद पश्चिम सिंहभूम से भी नक्सलियों का खात्मा हो जाएगा. अब देखना है कि मिसिर सरेंडर करता है या एनकाउंटर में मारा जाता है. 

     



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