धनबाद(DHANBAD) : पश्चिम एशिया में चल रही लड़ाई का असर अब जमीन पर धीरे-धीरे दिखने लगा है. बाजार सूत्रों के अनुसार पहली अप्रैल के बाद अधिक दिखेगा। जब बाजार में नया स्टॉक उतरेगा , तो मूल्य वृद्धि अधिक हो सकती है. दरअसल, औद्योगिक ईंधन के मूल्य में लगभग 22 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई है. इस वृद्धि से ट्रांसपोर्टेशन से लेकर कंस्ट्रक्शन और कंस्ट्रक्शन से लेकर उत्पाद कास्ट बढ़ गया है. और इसका असर बाजार पर दिखने लगा है । इस बीच कोयला मंत्रालय ने कोयला कंपनियों को सजग और चौकस रहने को कहा है. युद्ध की वजह से ऊर्जा संकट से निपटने में कोयले की बड़ी भूमिका हो सकती है. आगे गर्मी के मौसम को देखते हुए भी कोयले का डिमांड बढ़ सकता है. इसके लिए कोयला कंपनियों को मंत्रालय ने चौकस रहने को कहा है.
कोल इंडिया के पास अभी बड़ी मात्रा में है स्टॉक
यह अलग बात है कि कोल् इंडिया के पास अभी बड़ी मात्रा में स्टॉक है. फिर भी तैयारी रखने को कोयला मंत्रालय ने कहा है. फरवरी 2026 में कुल बिजली उत्पादन में कोयले के हिस्सेदारी 72.7 7 मिलियन टन की रही. युद्ध को देखते हुए और गर्मी में डिमांड को नजर में रखते हुए कोयले की हिस्सेदारी बढ़ सकती है. यह हिस्सेदारी जब बढ़ेगी तो कोयले की डिमांड में भी बढ़ोतरी होगी। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की चुनौतियों के साथ-साथ देश में गर्मी का आगमन हो रहा है. तापमान में बढ़ोतरी होने से बिजली की डिमांड बढ़ेगी और ऐसे में कोयले का डिमांड भी बढ़ेगा। हालांकि फिलहाल देश भर में सभी बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार है. लगातार दूसरे वर्ष भी एक अरब टन से अधिक कोयले का उत्पादन हुआ है.
उपलब्ध यह आंकड़ा क्या बता रहा ,आगे क्या होगा
उपलब्ध एक आंकड़े की बात की जाए तो फरवरी 2026 तक कोयल पर बिजली की निर्भरता 72.7 7 प्रतिशत रही, जबकि लिग्नाइट पर 1.84 प्रतिशत, हाइड्रो पर 5.5% ,न्यूक्लियर पर 3.35 प्रतिशत, गैस, नेप्था एवं डीजल पर 1.6 % ,विंड, सोलर एवं बायोमास पर 15.33 प्रतिशत की निर्भरता रही है. मतलब देश में बिजली उत्पादन में कोयले का अभी भी कोई मजबूत विकल्प तैयार नहीं हुआ है. इधर, यह भी बात है कि कोल् इंडिया की कंपनियों में कोयले का स्टॉक बढ़ रहा है. पावर प्लांट भी कोल इंडिया की कोलियरियों से कोयला लेने से मुंह मोड़ रहे है. निजी कंपनियों की तरफ पावर प्लांटो का झुकाव बढ़ रहा है. कोल इंडिया की कोलियारियां फिलहाल दबाव में है. लेकिन युद्ध के हालातो से निपटने के लिए कोयला कंपनियों को तैयार रहने को कहा गया है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
Thenewspost - Jharkhand
4+


