झारखंड की आदिवासी बेटी ने बनाया कृतिमान,160 के स्पीड से चला रही वंदे भारत ट्रेन

    झारखंड की आदिवासी बेटी ने बनाया कृतिमान,160 के स्पीड से चला रही वंदे भारत ट्रेन

    रांची(RANCHI): झारखंड जंगलों का प्रदेश है. यहां पर ज्यादातर आबादी आदिवासियों की है, जो जल जंगल जमीन के हकदार है, लेकिन अब आदिवासी कई बड़े-बड़े कृतिमान स्थापित कर रहे है. हाल की बात कर लें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन 6 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. इसमें जमशेदपुर से पटना तक जाने वाली वंदे भारत ट्रेन को चलने वाले लोको पायलट कोई और नहीं बल्कि झारखंड की बेटी रितिका तिर्की है. हर दिन वंदे भारत ट्रेन जमशेदपुर से लेकर पटना तक जाती है.

    रितिका मूल रूप से बोकारो की रहने वाली है और अपने घर से एक सपना लेकर निकली थी कि कुछ बनकर दिखाना है. इसके बाद रितिका ने आईटीआई कंप्लीट किया और फिर लोको पायलट तक का सफर तय कर लिया. वंदे भारत ट्रेन चलाकर पूरे झारखंड का नाम रोशन कर रही है.

    रितिका तिर्की ने बताया कि वंदे भारत ट्रेन में कई सुविधा है और खासकर झारखंड को सौगात मिली है वह भी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं कि वह वंदे भारत ट्रेन की लोको पायलट है. जमशेदपुर से पटना तक का सफर 6 घंटे में पूरा कर लेती है. रितिक ने बताया कि उनका पूरा परिवार और गांव के लोग भी काफी खुश हैं कि उस गांव की बेटी अब वंदे भारत सुपरफास्ट ट्रेन को चला  रही है. जो सपना प्रधानमंत्री ने देखा है उसे सपने में इनकी भी अहम भूमिका है.

    देखें तो आदिवासियों को देखने के बाद लोग कहते हैं कि यह जंगल में रहते हैं हाईटेक दुनिया से काफी दूर है. लेकिन अब जंगल को बचाने के साथ-साथ आदिवासी हाईटेक हो रहे हैं. जैसे-जैसे दुनिया आगे बढ़ रही है वैसे ही आदिवासी समुदाय के लोग भी अब काफी रफ्तार से चीजों को सिखाते हुए आगे चल रहे हैं. यही कारण है कि वंदे भारत ट्रेन भी चलाने में पीछे नहीं है, बता दें कि यह देश की पहली आदिवासी महिला पायलट है जो वंदे भारत ट्रेन चला रही है.


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news