धनबाद में मेयर का चुनाव लड़ने वाले हो जायें तैयार, सामान्य वर्ग के प्रत्याशियों की लगेगी लम्बी लाईन!


धनबाद(DHANBAD): लीजिए- जिसकी प्रतीक्षा थी, वह हो गया. धनबाद नगर निगम के मेयर का पद अनारक्षित यानी सामान्य वर्ग के लिए कर दिया गया है. अब धनबाद में मेयर कोई अनारक्षित वर्ग के ही बनेंगे. चलिए बताते हैं कि झारखंड के नगर निगम के किस सीट पर अब किस वर्ग के लोग मेयर बन सकेंगे. धनबाद नगर निगम के मेयर की सीट को अनारक्षित किया गया है. रांची नगर निगम अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हो गया है. मेदनीनगर नगर निगम अनारक्षित हुआ है. हजारीबाग नगर निगम अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होगा.
गिरिडीह नगर निगम अनुसूचित जाति के लिए, देवघर नगर निगम अनारक्षित रहेगा. चास नगर निगम भी अनारक्षित होगा. आदित्यपुर नगर निगम अनुसूचित जनजाति के लिए होगा, वहीं मानगो नगर निगम भी अनारक्षित रहेगा. बता दे कि धनबाद ,रांची ,हजारीबाग, मेदनी नगर, गिरिडीह, देवघर, चास , आदित्यपुर और मानगो में निगम के चुनाव होने है. धनबाद में तो कई महीनो से मेयर पद पर चुनाव लड़ने की तैयारी चल रही है. उम्मीदवारों की संख्या लगातार बढ़ रही है.
धनबाद नगर निगम के मेयर का पद एक तरह से "म्यूजिकल चेयर" बन गया है. धनबाद नगर निगम का गठन 2006 में हुआ था. 2010 में पहली बार चुनाव हुआ तो इंदु देवी मेयर बनी थी. उस समय यह सीट महिला के लिए आरक्षित थी. फिर 2015 में धनबाद निगम के मेयर का पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था. जिसमें शेखर अग्रवाल ने तमाम प्रतिद्वंदियों को पछाड़कर मेयर बने थे. वर्तमान समय में झारखंड में नगर निगम की कुल संख्या 48 है ,जहा चुनाव होने है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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