छत्तीसगढ़ का यह वही दंतेवाड़ा है, जहां 2010 में 76 जवान हुए थे शहीद और अब दस जवानों को नक्सलियों ने किया शहीद 

    छत्तीसगढ़ का यह वही दंतेवाड़ा है, जहां 2010 में 76 जवान हुए थे शहीद और अब दस जवानों को नक्सलियों ने किया शहीद 

    धनबाद(धनबाद):  छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 6 अप्रैल 2010 को नक्सली हमला हुआ था, जिसमें 76 जवान शहीद हो गए थे. अप्रैल 2021 में सुकमा जिले की सीमा पर मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हुए थे. फिर 26 अप्रैल 2023 को नक्सलियों के विस्फोट से 10 डीआरजी,( जिला रिजर्व गार्ड) के जवान शहीद हो गए .3 दिन पहले अरन पुर के जंगल में बड़े मूवमेंट की जानकारी मिलने के बाद 80 जवान अलग अलग गाड़ियों से अरन पुर थाना पहुंचे थे. सभी पैदल इलाके का सर्च किया. बुधवार सुबह 11 बजे के बाद सभी थाना लौटे थे. यहां 8 गाड़ियां आ चुकी थी. सभी 80 जवानों को इन्हीं गाड़ियों से दंतेबेड़ा लौटना था. इलाका संवेदनशील है, इसलिए गाड़ियों को फासले पर चलने का निर्देश था. पहले 2 गाड़ियां निकली. कुछ मिनट बाद और गाड़ियां निकली और धमाका हो गया.

    बुधवार को नक्सलियों के हमले में 10 जवान  शहीद 

    आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से मुकाबले के लिए स्थानीय युवकों को शामिल कर 2008 में डीआरजी का गठन किया गया था. आदिवासियों से जुड़ाव के चलते यह नक्सलियों से मुकाबले के लिए उनका सहयोग आसानी से हासिल कर लेते हैं. डीआरजी कई अभियानों को अंजाम दे चुका है. यह नक्सलियों की लड़ाई का उन्हीं की भाषा में जवाब देते हैं. लेकिन बुधवार को नक्सलियों ने विस्फोट कर 10 जवानों को शहीद कर दिया. इस विस्फोट में 40 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है. यही कारण है कि विस्फोट की आवाज दूर तक सुनी गई .गाड़ी का चेचिस और पहिया 500 मीटर दूर पड़ा था.

    अमित शाह ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सली हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित किया और कहा कि उनके बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जवानों की शहादत पर दुख जताया है. अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से स्थिति का जायजा लिया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. इधर, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने इस घटना को नक्सलियों की बौखलाहट बताया है .उन्होंने कहा कि नक्सलियों से जंग अंतिम दौर में चल रही है. उनके खिलाफ अभियान तेज होगा और उन्हें किसी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा.

    बस्तर में शांति कायम करना सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य है. पिछले सप्ताह सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों का शिविर ध्वस्त किया था. भारी मात्रा में विस्फोटक समेत नक्सलियों के दैनिक उपयोग का सामान बरामद हुआ था. जवानों के आने की सूचना पर कैंप में मौजूद करीब 2 दर्जन से अधिक नक्सली भाग गए थे. लेकिन बुधवार को नक्सलियों ने सड़क के बीचो बीच विस्फोट कर बड़ी घटना को अंजाम दे दिया.

    छत्तीसगढ़ के ये सभी जिले नक्सल प्रभावित 

    छत्तीसगढ़ के कम से कम 8 जिले नक्सल प्रभावित हैं. इनमें बीजापुर, सुकमा, बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर ,नारायणपुर, राजनांदगांव और कोड़ा गांव गांव शामिल है. देखना इस घटना के बाद नक्सलियों के खिलाफ सरकार का अभियान कैसे चलता है. यह बात जरूर है कि नक्सली घटनाएं घटी हैं. नक्सली सरेंडर कर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं. बावजूद बीच-बीच में घटनाएं कर चिंता बढ़ा दे रहे हैं.

    रिपोर्ट:धनबाद ब्यूरो


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news