ठंड में भी प्यासा है रांची का ये इलाका, जल संकट से जूझ रहे लोगोंं ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार


रांची (RANCHI): राजधानी में कड़ाके की ठंड के बीच भी वार्ड संख्या 34 के निवासियों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. ठंडे मौसम के बावजूद इस इलाके में गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है, जिससे सैकड़ों परिवारों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है. हालात यह हैं कि पाइपलाइन बिछने और आईटीआई बस स्टैंड के समीप पानी की टंकी का निर्माण पूरा हो जाने के बाद भी अब तक नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है.
वार्ड 34 के विद्यानगर, गंगानगर, यमुनानगर, कृष्णा नगर, बजरा और आसपास के इलाकों के लोग लंबे समय से पानी की किल्लत झेल रहे हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह क्षेत्र हर साल ड्राई जोन में तब्दील हो जाता है. इस वर्ष भी स्थिति अलग नहीं है. ठंड के मौसम में भी कई घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
स्थायी जलापूर्ति व्यवस्था शुरू न होने के कारण लोग अब भी रांची नगर निगम द्वारा भेजे जाने वाले पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं. हालांकि, टैंकर से मिलने वाला पानी जरूरत के अनुसार काफी नहीं है. कई बार टैंकर समय पर नहीं पहुंचते, जिससे लोगों को दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ता है. ठंड में सुबह या देर शाम पानी जुटाने निकलना मजबूरी बन चुका है.
इसी समस्या को लेकर वार्ड 34 के सैकड़ों परिवारों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है. पूर्व पार्षद अरुण कुमार झा के नेतृत्व में हस्ताक्षर अभियान चलाकर यह पत्र भेजा गया है. लोगों का आरोप है कि जलापूर्ति से जुड़ी योजनाएं केवल कागजों में सिमट कर रह गई हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हो रही है.
नगर निगम अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पानी की टंकी और पाइपलाइन को जल्द चालू करने की प्रक्रिया चल रही है. तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होते ही नियमित जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी. फिलहाल वार्ड 34 के लोग ठंड के मौसम में भी स्थायी जल व्यवस्था की राह देख रहे हैं.
क्या है कारण
वार्ड 34 में पानी की कमी के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार इस इलाके में भूमिगत जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है और अधिकांश पुराने चापानल या तो सूख चुके हैं या बेहद कम पानी दे रहे हैं. तेजी से हो रहे शहरी विस्तार और आबादी बढ़ने के बावजूद जलापूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था समय पर विकसित नहीं की गई. साथ ही कई जगहों पर पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन कनेक्शन और प्रेशर की समस्या के कारण पानी घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है. इन सभी कारणों से क्षेत्र में पानी की समस्या लगातार बनी हुई है.
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