रांची (RANCHI): राजधानी में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. इसके तहत 15 से 30 मई तक पूरे जिले में वृद्ध, विधवा और अन्य पेंशन योजनाओं के लाभुकों के लिए एक वृहत 'भौतिक सत्यापन अभियान' चलाया जाएगा. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बिचौलियों की गड़बड़ी को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि पेंशन का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंचे. जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जांच के दौरान कोई भी लाभुक अपात्र पाया जाता है या किसी ने गलत जानकारी देकर योजना का लाभ लिया है, तो न केवल उनका पेंशन कार्ड रद्द किया जाएगा, बल्कि अब तक ली गई पेंशन राशि की वसूली भी की जाएगी.
इस विशेष सत्यापन अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं. ग्रामीण इलाकों में पंचायत सचिव और सहिया घर-घर जाकर लाभुकों की पात्रता की जांच करेंगे. वहीं, शहरी क्षेत्रों में राजस्व कर्मियों और नगर निगम के अन्य कर्मचारियों की टीम को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) पोर्टल से मिले आंकड़ों के आधार पर लाभुकों की पहचान की जाएगी. जांच के दौरान मुख्य रूप से लाभुक के जीवित होने की स्थिति, उनकी पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की गुंजाइश न रहे.
जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक ने सभी पेंशनधारियों से अपील की है कि वे 15 से 30 मई की निर्धारित अवधि के भीतर अपना भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से करा लें. यदि कोई लाभुक तय समय सीमा में सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो उनकी पेंशन रोकी जा सकती है, जिसकी पूरी जवाबदेही स्वयं लाभुक की होगी. सत्यापन के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर लाभुक सीधे संबंधित कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं, लेकिन गलत जानकारी देना कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकता है.

