रांची (RANCHI): बुंडू अनुमंडल क्षेत्र में बिजली विभाग द्वारा आयोजित बिल सुधार कैंप में अव्यवस्था और लापरवाही को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. भारी संख्या में पहुंचे उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान होगा, लेकिन कैंप में केवल आवेदन लेकर ‘रिसीविंग’ थमाने से लोगों में नाराजगी बढ़ गई.
कैंप में करीब 350 उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर हटाने और बढ़े हुए बिजली बिलों में सुधार की मांग को लेकर आवेदन दिया. ग्रामीण सुबह से ही लंबी कतार में खड़े रहे और कड़ी धूप में घंटों इंतजार करते रहे. इसके बावजूद उन्हें तत्काल राहत नहीं मिल सकी. कई लोगों का कहना था कि कैंप का उद्देश्य समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए, न कि केवल कागजी प्रक्रिया पूरी करना.
स्थिति तब और बिगड़ गई जब यह साफ हो गया कि मौके पर किसी भी उपभोक्ता के बिल में सुधार नहीं किया जा रहा है. इससे नाराज होकर ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ विरोध जताया और अपनी परेशानी खुलकर सामने रखी. इस बीच आजसू पार्टी के नेता राजकिशोर कुशवाहा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने तुरंत बिजली विभाग के महाप्रबंधक (GM) से फोन पर संपर्क कर पूरी व्यवस्था की शिकायत की. कुशवाहा ने कहा कि इस तरह के कैंप का मकसद जनता को राहत देना होता है, लेकिन यहां सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है.
शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए जीएम ने भी हैरानी जताई और कहा कि छोटे-मोटे बिल सुधार कैंप में ही किए जाने चाहिए. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों से बात कर स्थिति में सुधार किया जाएगा. ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए राजकिशोर कुशवाहा ने विभाग के सामने कई मांगें रखीं. उन्होंने कहा कि भारी भीड़ के कारण कई लोग आवेदन नहीं दे पाए, इसलिए जल्द ही नया कैंप आयोजित किया जाए. साथ ही, अगले कैंप में तकनीकी माध्यम से मौके पर ही बिल सुधार सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार परेशान न होना पड़े.
इसके अलावा, स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ती शिकायतों पर भी गंभीरता से विचार करने की मांग की गई है. फिलहाल, इस घटना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और ग्रामीणों को अब अगले कदम का इंतजार है.

