गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बड़ा बदलाव, e-KYC से चीजें होंगी आसान, मिलेगा तुरंत लाभ


टीएनपी डेस्क (TNP DESK): राज्य सरकार ने गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना की व्यापक समीक्षा के बाद इसमें अहम बदलाव करने का फैसला लिया है. प्रस्तावित बदलावों से उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को शिक्षा ऋण हासिल करने में सहूलियत होगी और जिन छात्रों ने पहले ही संस्थान की पहली किस्त अपने संसाधनों से जमा कर दी है, उन्हें अब उसकी राशि वापस मिल सकेगी.
उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा में सामने आया कि अब तक कुल 2471 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 2148 मामलों में ऋण की मंजूरी दी गई. हालांकि, वास्तविक रूप से केवल 1466 छात्रों को ही अब तक ऋण राशि मिल सकी है, जबकि 941 आवेदन अभी भी लंबित हैं. इस तरह स्वीकृत आवेदनों की तुलना में केवल 59 प्रतिशत छात्रों को ही योजना का वास्तविक लाभ मिल पाया है.
विभागीय जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि ऋण वितरण में देरी का मुख्य कारण त्रिपक्षीय समझौते की प्रक्रिया में लगने वाला अतिरिक्त समय है. इसी देरी के चलते कई छात्रों को अपनी पढ़ाई की पहली किस्त खुद भरनी पड़ रही है, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो. मौजूदा नियमों में ऐसी स्थिति में छात्रों को जमा की गई पहली किस्त की वापसी का कोई प्रावधान नहीं था.
इसी कमी को दूर करने के लिए सरकार ने योजना में संशोधन का निर्णय लिया है. नए प्रावधान के तहत, जिन छात्रों ने ऋण मिलने से पहले संस्थान में पहली किस्त जमा कर दी है, उन्हें अब वह राशि वापस की जा सकेगी. इससे छात्रों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा.
इसके अलावा, त्रिपक्षीय समझौते में हो रही देरी को खत्म करने के लिए सरकार e-KYC के माध्यम से ऑनलाइन त्रिपक्षीय समझौता प्रणाली लागू करने की तैयारी कर रही है. इससे प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और सरल हो जाएगी तथा ऋण वितरण में होने वाली अनावश्यक देरी पर अंकुश लगेगा.
उच्च शिक्षा विभाग ने गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना में आवश्यक संशोधनों के लिए विभागीय स्तर पर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं. प्रस्तावित बदलावों को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद लागू किया जाएगा.
गौरतलब है कि राज्य सरकार की इस योजना के तहत छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए मात्र चार प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही पढ़ाई पूरी होने के बाद ऋण चुकाने के लिए 15 वर्षों की लंबी अवधि दी जाती है. सरकार के इस कदम से बड़ी संख्या में छात्रों को शिक्षा जारी रखने में राहत मिलने की उम्मीद है.
4+