शीतकालीन सत्र आहूत करना चाहती है सरकार, पर मानसून सत्र का अवसान अब तक नहीं, राजभवन में संचिका,जानिए दिलचस्प जानकारी

    शीतकालीन सत्र आहूत करना चाहती है सरकार, पर मानसून सत्र का अवसान अब तक नहीं, राजभवन में संचिका,जानिए दिलचस्प जानकारी

    रांची(RANCHI): सामान्य रूप से सभी जानते हैं कि विधानसभा का कम से कम 3 सत्र होता है. बजट सत्र, मानसून सत्र और शीतकालीन सत्र. पिछला मानसून सत्र विस्तारित होते रहा मानसून सत्र का दो बार एक-एक दिन का विस्तार भी हुआ. अब सरकार इसका अवसान करना चाहती है. यह काम तो राज्यपाल की अनुमति से ही हो सकता है.

    दरअसल हेमंत सरकार अब शीतकालीन सत्र आहूत करना चाहती है. सरकार चाहती है कि 22 से 28 दिसंबर तक शीतकालीन सत्र चले जिसमें चार कार्य दिवस होंगे. लेकिन यहां पर एक पेंच आ गया है. पिछले मानसून सत्र का अभी तक सत्रावसान नहीं हो पाया है. राज्यपाल के पास संचिका भेजी गई है. जब तक पिछले मानसून सत्र का अवसान नहीं हो जाता तब तक नया सत्र आहूत नहीं किया जा सकता है. इसको लेकर सरकार असमंजस में है.

    विश्वस्त सूत्रों के अनुसार राजभवन ने अभी तक सहमति के साथ संचिका सरकार के पास नहीं लौट आया है. मालूम हो कि हेमंत सरकार ने 5 सितंबर को और उसके बाद 11 नवंबर को एक-एक दिन का विशेष सत्र आहूत कर लिया था जो मानसून सत्र का ही हिस्सा था. राजनीतिक संकट के बीच सरकार अपने एजेंडा के हिसाब से सत्र बुला लिया था इसके लिए राजभवन की स्वीकृति की आवश्यकता नहीं थी.
    राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि राजभवन इस विषय पर मंथन कर रहा है कि क्या कोई सरकार इस तरह से सत्र मनमाने तरीके से बुला सकती है. अब देखना है कि इस विषय का समाधान कैसे होता है.


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