बिजली-वन विभाग की सुस्ती, कोल्हान में झूलते बिजली के तार से हाथियों की जान पर आफत

    बिजली-वन विभाग की सुस्ती, कोल्हान में झूलते बिजली के तार से हाथियों की जान पर आफत

    जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): कोल्हान में एक बार फिर झूलते बिजली के तार जंगली हाथियों की जान के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं. सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल के कुकड़ू क्षेत्र में करंट लगने से एक नर हाथी की मौत ने वन विभाग और बिजली विभाग की लापरवाही की पोल खोल दी है. लगातार घटनाओं के बावजूद दोनों विभाग समय रहते जरूरी कदम उठाने में नाकाम साबित हो रहे हैं. नवंबर 2023 में पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी रेंज में करंट की चपेट में आने से एक साथ पांच हाथियों की मौत हुई थी. उस घटना के बाद प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने बड़े-बड़े दावे किए थे. जंगल और ग्रामीण इलाकों में झूलते बिजली तारों को ऊंचा करने और सुरक्षा उपायों को युद्ध स्तर शुरू किया गया था. कुछ दिनों तक अभियान भी चला, लेकिन धीरे-धीरे पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया. आज हालात फिर पहले जैसे हो गए हैं. कोल्हान के कई जंगलों, गांवों और खेतों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार काफी नीचे लटक रहे हैं. भोजन और पानी की तलाश में गांवों की ओर आने वाले हाथियों के इसके चपेट में आने की संभावना फिर से बढ़ गई है. 

    आंधी-बारिश के कारण जर्जर हुईं तार
    पिछले दिनों में हुई तेज आंधी और बारिश के बाद बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई है. कई जगहों पर बिजली के पोल टेढ़े हो गए हैं, जबकि तार नीचे झूलते नजर आ रहे हैं. जंगलों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है, जहां खेतों और रास्तों के ऊपर से गुजर रहे बिजली तार हादसों को न्योता दे रहे हैं. यही झूलते तार जंगली हाथियों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं. बिजली विभाग की ओर से लगातार मरम्मत कार्य चलाने का दावा किया जा रहा है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त पोल और तारों को दुरुस्त करने के लिए टीमों को लगाया गया है. हालांकि जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है. कई इलाकों में अब भी तार खुले और नीचे लटके हुए हैं. 


    एक साथ 5 हाथियों की हुई थी मौत
     21 नवंबर 2023 को पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी वन क्षेत्र के ऊपरबांधा स्थित पोटाश जंगल में एक दर्दनाक घटना हुई थी. इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था. जंगल से गुजर रही 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आने से एक साथ पांच हाथियों की मौत हो गई थी. जंगल से गुजरने के दौरान हाथियों का झुंड नीचे झूल रहे बिजली तार के संपर्क में आ गया था. नवंबर 2023 चाकुलिया वन क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर 2 हाथियों की करंट लगने से मौत हुई थी. वहीं, जून 2025 में चांडिल के हेवन गांव में करंट से एक हाथी की मौत हुई थी. वही, जून 2025 में ही चांडिल के अमबेड़ा के पास एक खेत में करंट से हाथी की मौत हुई थी. जबकि दिसंबर 2023 में जादूगोड़ा के भाटिन में एक हाथी करेंट से मरा था. 


    तीनों जिलों में है हाथियों का मूवमेंट
    कोल्हान के तीनों जिलों में जंगली हाथियों का मूवमेंट है. तीनों जिलों में 100 से अधिक जंगली हाथी विभिन्न जंगल और गांवों में विचरण कर रहे है. सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल, ईचागढ़, पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया, घाटशिला, बहरागोड़ा, गुड़ाबांधा, पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा में जंगली हाथियों का मूवमेंट लगातार हो रहा है. यहां बिजली के झूलते तार हाथियों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है. 



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