फारस की खाड़ी में फंसा रांची के मर्चेंट नेवी कैप्टन का शव, घर पर परिजन कर रहे अंतिम दर्शन का इंतजार

    राजधानी के अरगोड़ा स्थित वसुंधरा अपार्टमेंट निवासी मर्चेंट नेवी कैप्टन राकेश रंजन सिंह का शव अब तक दुबई से भारत नहीं पहुंच सका है. उनके पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने के प्रयास जारी हैं. इस मामले में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने विदेश मंत्रालय से संपर्क कर प्रक्रिया तेज करने की कोशिश की है.

    फारस की खाड़ी में फंसा रांची के मर्चेंट नेवी कैप्टन का शव, घर पर परिजन कर रहे अंतिम दर्शन का इंतजार

    रांची (RANCHI): राजधानी के अरगोड़ा स्थित वसुंधरा अपार्टमेंट निवासी मर्चेंट नेवी कैप्टन राकेश रंजन सिंह का शव अब तक दुबई से भारत नहीं पहुंच सका है. उनके पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने के प्रयास जारी हैं. इस मामले में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने विदेश मंत्रालय से संपर्क कर प्रक्रिया तेज करने की कोशिश की है.

    बताया जा रहा है कि कैप्टन राकेश रंजन सिंह तेल लेकर दुबई से भारत लौट रहे थे. इसी दौरान फारस की खाड़ी में जहाज के सफर के बीच उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई. अंतरराष्ट्रीय तनावपूर्ण हालात के कारण यात्रा भी प्रभावित हुई. जहाज पर ही उन्हें दिल का दौरा पड़ा और 18 मार्च को उनकी मौत हो गई.

    इस खबर के बाद परिवार और पूरे इलाके में शोक की लहर है. उनकी पत्नी रंजू देवी गहरे सदमे में हैं, वहीं परिजन लगातार शव के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं. परिवार के लोग लगातार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं.

    करीब 47 वर्षीय राकेश रंजन सिंह मूल रूप से बिहारशरीफ के निवासी थे और पिछले 24 वर्षों से मर्चेंट नेवी में सेवाएं दे रहे थे. परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा जो बेंगलुरु में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है, और एक छोटा बेटा शामिल है.

    परिजनों ने भावुक होकर बताया कि यदि हालात कुछ दिन बाद बिगड़ते, तो शायद वह सुरक्षित लौट आते. अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में करने की तैयारी है, लेकिन फिलहाल पूरा परिवार पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहा है. इस दुखद घटना से रांची और नालंदा दोनों जगह मातम का माहौल है.


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