कोल्हान में भाजपा : गीता - आभा की जोड़ी क्या कुछ कर पाएगी कमाल , नई सोच पर सवाल क्यों !

    धनबाद: झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में कमजोर पड़ी भाजपा ने अब संगठन की कमान महिलाओं को सौंपने की रणनीति अपनाई है. विधानसभा और उपचुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पार्टी दबाव में है। पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन भी प्रभाव नहीं छोड़ सके और अपने बेटे को दो प्रयासों में भी जीत नहीं दिला पाए.

    कोल्हान में भाजपा : गीता - आभा की जोड़ी क्या कुछ कर पाएगी कमाल , नई सोच पर सवाल क्यों !

     

    धनबाद(DHANBAD):  झारखंड के कोल्हान में कमजोर पड़ी भाजपा अब महिलाओं के हाथ में बागडोर लगभग दे  दी है.  विधानसभा चुनाव में और उसके बाद हुए उपचुनाव में पार्टी की खूब किरकिरी हुई थी. चंपाई सोरेन भी कुछ विशेष नहीं कर पाए. अपने बेटे को भी दो बार में भी विधायक नहीं बनवा सके.  
    विधानसभा चुनाव में सिर्फ चंपाई  सोरेन ही अपनी सीट बचा पाए थे.  चंपाई  सोरेन झामुमो  से भाजपा में गए हैं.  उसके बाद कोल्हान के ही घाटशिला से विधायक रहे रामदास सोरेन का निधन हो गया. उस समय वह शिक्षा मंत्री थे.  उसके बाद हुए उपचुनाव में भी चंपाई  सोरेन के पुत्र चुनाव जीत नहीं पाए.  

    कोल्हान में भाजपा की कमान अब इनके पास 

    अब भाजपा कोल्हान में पार्टी की बागडोर दो महिला नेत्रियों  को सौंपा  है.  दोनों को उपाध्यक्ष बनाया गया है.  मतलब साफ है कि कोल्हान में भाजपा अब महिलाओं को पार्टी मजबूत करने की जिम्मेवारी दी है.  भाजपा ने क्षेत्र के दो प्रमुख महिला नेता गीता कोड़ा  और आभा महतो को प्रदेश समिति में उपाध्यक्ष बनाया है.  गीता कोड़ा सिंहभूम से सांसद रह चुकी है, वह जगन्नाथपुर से विधायक भी थी. वह पूर्व सीएम मधु कोड़ा की पत्नी हैं.  दूसरी ओर आभा महतो  जमशेदपुर से दो बार सांसद रह चुकी है. पूर्व सांसद शैलेन्द्र महतो की पत्नी हैं. शैलेन्द्र महतो भी सांसद रह चुके है. 

    सरायकेला - खरसावां को भी मिला प्रतिनिधितव 

    इसके अलावा सरायकेला -खरसावां जिले के शैलेंद्र सिंह को प्रदेश मंत्री बनाया गया है.   मतलब साफ है कि अब भाजपा नई सोच के साथ कोल्हान में अपनी स्थिति सुधारने की कोशिश करेगी।  यह  अलग बात है कि इसमें उसे कितनी सफलता मिलेगी, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।  वैसे भाजपा ने चंपाई सोरेन को अपने पाले में कर  सोचा था कि कोल्हान में उसे बड़ी सफलता मिलेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.  कोल्हान झामुमो  का गढ़ रहा है और झामुमो  के गढ़ को भेदना  भाजपा के लिए बहुत आसान भी नहीं होगा। 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Related News

    Our latest news