धनबाद से रांची तक बड़ा सवाल -कौन तराजू बताएगी कि सांसद ढुल्लू महतो सच  बोल रहे कि ग्रामीण!! 

    धनबाद से रांची तक बड़ा सवाल -कौन तराजू बताएगी कि सांसद ढुल्लू महतो सच  बोल रहे कि ग्रामीण!!

    धनबाद(DHANBAD): धनबाद से लेकर रांची तक  यह सवाल बड़ा हो गया है कि सांसद ढुल्लू महतो   सच बोल रहे हैं कि  ग्रामीण। क्या ग्रामीण  उनपर बेवजह आरोप लगा रहे हैं? सांसद ढुल्लू महतो ने शुक्रवार को भी दावा किया कि उनके खिलाफ जो भी शिकायतें हैं, उसकी जांच करा  ली जाए, जांच सीबीआई से भी हो, तो उन्हें कोई परहेज नहीं है.  उन्होंने कोई जमीन कब्जा नहीं किया है और न नहीं कोशिश की  है.  इधर भूली और बाघमारा के दरीदा  मौजा के ग्रामीणों ने सांसद  पर जमीन कब्जा करने का आरोप लगा रहे  है.  दरीदा  मौजा का मामला तो बहुत पुराना है. 

    सांसद पर विधायक जयराम महतो ने भी लगाया था आरोप ---
     
    यह अलग बात है कि सांसद  पर झारखंड के चर्चित विधायक जयराम महतो ने भी सवाल उठाया था कि उनके पास   आखिर 40 हजार करोड़ की संपत्ति कहां से आई? इसके बाद भी सांसद कहते रहे कि इसकी सीबीआई जांच करा  ली जाए.  वह राम भक्त हैं, कभी झूठ नहीं बोलते।  सांसद  के खिलाफ कतरास के अधिवक्ता ने भी न्यायालय का  दरवाजा खटखटाया है.  आय  से अधिक संपत्ति जुगाड़ करने का आरोप लगाया है.  कई दिनों पहले भूली के एक व्यक्ति ने सांसद  पर जबरन जमीन लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया था.  यह  अलग बात है कि सांसद  ने इस आरोप  को भी खारिज कर दिया था. 

    बाघमारा के दरीदा  मौजा का मामला फिर हो गया है जीवंत 
     
    इधर, बाघमारा के दरीदा  मौजा  में विवादित बाउंड्री के अंदर की जमीन के मामले में स्थानीय लोगो  ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता की.  ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सांसद  के कहने पर उनके समर्थकों ने जमीन कब्जा कर बाउंड्री बना ली है.  ग्रामीणों ने सरकारी रास्ते को जबरन घेर  लेने का भी आरोप लगाया है.  उनका कहना है  कि सरकारी रास्ता बंद होने के कारण पिछले कई वर्षों से वह लोग अपनी जमीन पर खेती करने नहीं जा पा रहे हैं.  खेती नहीं होने से भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है.  उनका कहना है  कि 2017 से ही वह लोग अपनी जमीन को कब्जा मुक्त करने के लिए धनबाद से लेकर  से लेकर  रांची तक अर्धनग्न प्रदर्शन किया था.  सीएम  से लेकर पीएम तक को पत्र लिखा, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला।  

    विधायक सरयू  राय ने भी विधानसभा में उठाया था मामला 

    विधायक सरयू  राय ने भी पिछले वर्ष इस मामले में सदन में उठाया था.  उसके बाद जमीन की मापी  शुरू हुई, लेकिन अभी तक जमीन कब्जा मुक्त नहीं हुई है.  यह  अलग बात है कि इस जमीन को लेकर ग्रामीण दो गुटों में बंटे  हुए हैं.   एक पक्ष सांसद  का समर्थन कर रहा है, तो दूसरा पक्ष जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने  की लगातार मांग कर रहा है.  वैसे सांसद ढुल्लू महतो  बार-बार यह बात कहते हैं कि आरोप  उनके राजनीतिक  विरोधी लगवा रहे हैं.  पूरे मामले की सीबीआई जांच हो जानी चाहिए, जिससे  दूध का दूध और पानी का पानी हो सकेगा।  उन्होंने शुक्रवार को भी दोहराया कि वह राम भक्त हैं और कभी झूठ नहीं बोलते हैं.  उन्होंने अभी कहा कि रामराज मंदिर का जब निर्माण हो रहा था, तब भी उन पर जमीन कब्जे का आरोप लगाया गया.  मंदिर निर्माण में व्यवधान पैदा करने की कोशिश की गई, फिर नए ढंग से झूठे  आरोप लगाए जा रहे हैं. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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