मोतियाबिंद मुक्त ब्लॉक बनाने की पहल में जुटा टाटा स्टील फाउंडेशन, कुल 2005 रोगियों का किया गया जांच

    मोतियाबिंद मुक्त ब्लॉक बनाने की पहल में जुटा टाटा स्टील फाउंडेशन, कुल 2005 रोगियों का किया गया जांच

    धनबाद(DHANBAD):  टाटा स्टील फाउंडेशन (टीएसएफ), टाटा स्टील के परिचालन क्षेत्रों में अंधेपन को कम करने के प्रयास के तहत विभिन्न साझेदारों के सहयोग से मोतियाबिंद जांच शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन करता आ रहा है. पिछले दस वर्षों में, TSF ने 30 हजार से अधिक रोगियों की आंखों की रोशनी दी है. इस सफलता के आधार पर  टीएसएफ का लक्ष्य इस साल से झारखंड के विशिष्ट परिचालन क्षेत्रों में मोतियाबिंद मुक्त ब्लॉक बनाने की पहल का विस्तार करना है. सहिया सम्मान कार्यक्रम इस सफलता का एक प्रमुख संचालक रहा है, जिसमें अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ता और सहिया संभावित मोतियाबिंद रोगियों की पहचान करने और उन्हें सर्जरी के लिए दूरदराज के क्षेत्रों से जुटाने के लिए आधारभूत सर्वेक्षण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.

    बाघमारा ब्लॉक में कुल 2005 रोगियों की हुई जांच      

    इस कार्यक्रम के दौरान  बाघमारा ब्लॉक में कुल 2005 रोगियों की जांच की गई, जिनमें 441 मरीजों में मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन शिविरों में किया गया. सहियाओं के योगदान को मान्यता देने के लिए टीएसएफ ने 14 मार्च को बाघमारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्हें सम्मानित किया. इस अवसर पर मयंक शेखर, चीफ सिजुआ ग्रुप, झरिया डिवीजन, टाटा स्टील, डॉ. मनीष कुमार, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, बाघमारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, डॉ मिनी बालन, चिकित्सा अधिकारी, सीएचसी बाघमारा, डॉ गालिब हुसैन, चिकित्सा अधिकारी, सीएचसी बाघमारा, राजेश कुमार, यूनिट लीड टाटा स्टील फाउंडेशन, डॉ पीएन सिंह, रजिस्ट्रार, टीएसएफ, डॉ बी पात्रा, चिकित्सा अधिकारी (होम्योपैथ) और शंकर राव, महासचिव, टीएसएफ वर्कर्स यूनियन उपस्थित थे.    

    रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह


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