नीट छात्रा की संदिग्ध मौत : सवाल -हॉस्टल मालिक का लोकेशन सेम मिलना संयोग या साजिश


धनबाद(DHANBAD) | पटना में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत से लोग सड़क पर है. पटना पुलिस सवालों से घिरी हुई है. सरकार को मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करना पड़ा है. जांच चल रही है, लेकिन परिवार वालों को जांच पर भरोसा कायम नहीं हो रहा है. मामले में रोज नए-नए ट्विस्ट आ रहे है. हंगामा जारी है. सोमवार को इस घटना के विरोध में कांग्रेस के नेताओं ने पटना में विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तिया लेकर वह प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शन में बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और बिहार के प्रभारी भी शामिल थे. कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस एक्शन शुरू से ही संदेह के घेरे में रहा है. छात्रा की मौत की जांच सीबीआई से कराने की कांग्रेस नेताओं ने मांग की.
कांग्रेस भी उतरी सड़क पर ,की सीबीआई जाँच की मांग
इसके पहले भी कई विरोध प्रदर्शन हुए. कैंडल मार्च निकाले गए. पटना पुलिस पर ताबड़तोड़ सवाल दागे गए. इधर, बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार के डीजीपी और पटना के आईजी की निगरानी में इस मामले की एसआईटी जांच कर रही है. एसआईटी अपना काम कर रही है. पुलिस को इस मामले में पूरी छूट दी गई है. इस मामले में जो भी दोषी होंगे, किसी कीमत पर उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। उल्लेखनीय है कि जहानाबाद जिले की छात्रा इस महीने की शुरुआत में पटना के चित्रगुप्त नगर के एक निजी गर्ल हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी. कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. मृत छात्रा के परिवार का आरोप है कि उसके साथ न्याय नहीं हो रहा है. पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है.
घटना को लेकर पुलिस के बयान में दिखी थी जल्दवाजी
यह बात सच है कि पुलिस ने इस मामले में बयान देने में जल्दबाजी की थी. जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आया तो मामले में सक की सूई दूसरी तरफ चली गई. विवाद बढ़ने पर एसआईटी का गठन किया गया. आईजी के नेतृत्व में एसआईटी जांच कर रही है. एसआईटी रविवार को राजेंद्र नगर स्थित प्रभात मेमोरियल हीरामती अस्पताल पहुंची। छात्रा के अस्पताल में भर्ती होने से डिस्चार्ज तक के कागजात को देखा। फिर जब्त कर लिया। डॉक्टर के इलाज के तरीकों की जांच भी विशेषज्ञ टीम से एसआईटी करा सकती है. एसआईटी ने मृतक के परिजनों के आरोप पर भी जांच पड़ताल की. डॉक्टर ने बताया कि 6 जनवरी को छात्रा को बेहोशी की हालत में लाया गया था. उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था. फिर उसे दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया. फॉरेंसिंग टीम ने छात्रा के कमरे की बारीकी से जांच पड़ताल की है.
5 जनवरी को छात्रा ट्रेन से जहानाबाद से पटना आई थी
जानकारी के अनुसार 5 जनवरी को छात्रा ट्रेन से जहानाबाद से पटना आई थी. जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर छात्रा के पिता छोड़ने आए थे. छात्रा का मोबाइल लोकेशन उसे दिन जहानाबाद से पटना की ओर बताया गया है. जबकि इस मामले में गिरफ्तार गर्ल्स हॉस्टल के मालिक का भी मोबाइल लोकेशन उस दिन जहानाबाद से पटना की ओर का है. जांच टीम इस पर भी छानबीन कर रही है कि गर्ल्स हॉस्टल के मालिक का उस दिन जहानाबाद से पटना आना एक संजोग था या इसके पीछे कोई साजिश थी. यह बात तो सच है कि कोई भी गरीब आदमी बड़ी उम्मीद के साथ अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए बाहर भेजता है. उसे लगता है कि बच्चे अगर पढ़- लिख जाएंगे, तो उनका जीवन बन जाएगा। ऐसे में छात्रा की संदिग्ध मौत से यह मांग तो उठती ही है कि पूरे मामले से पर्दा हटाना चाहिए और अगर मौत के कारणों के लिए कोई जिम्मेवार है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार की भी यह जवाब देही है और पुलिस प्रशासन का भी आकर्तव्य है. अगर जांच को भ्रमित करने के लिए कोई अधिकारी अगर कुछ गलत करता है या किया हो, तो उसे भी सजा मिलनी चाहिए।
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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