देवघर (DEOGHER): बाबा नगरी में आयोजित होने वाले विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर आज परिसदन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने की. इस बैठक में देवघर डीसी शशि प्रकाश सिंह और दुमका डीसी अभिजीत सिन्हा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
बैठक के दौरान सभी विभागों ने मेला तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी. मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि 31 जुलाई से शुरू होने वाला यह आस्था का महापर्व श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम अनुभव वाला होना चाहिए. उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड की पहचान है, इसलिए यहां आने वाले लाखों श्रद्धालु अच्छी यादें लेकर लौटें, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है.
इस बार मेले को लेकर सरकार ने बड़ा और कड़ा फैसला लिया है. मंत्री ने घोषणा की कि पूरे मेले के दौरान किसी भी प्रकार का VIP या VVIP दर्शन पूरी तरह बंद रहेगा, ताकि सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से जलार्पण का अवसर मिल सके.मेले को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में भी कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं. इस बार फेस रिकग्निशन सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कंट्रोल रूम, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, डिजिटल हेल्पलाइन और QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम लागू किए जाएंगे. इससे भीड़ नियंत्रण और व्यवस्थाओं की निगरानी और अधिक प्रभावी होगी.
बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देते हुए पेयजल, शौचालय, स्नानगृह, साफ-सफाई, स्वास्थ्य केंद्र, मातृत्व केंद्र और सूचना सहायता केंद्र को 24 घंटे सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही बिजली आपूर्ति को भी निर्बाध रखने पर जोर दिया गया.
दुम्मा बॉर्डर से खिजुरिया कांवरिया पथ तक बिजली के पोल हटाने और देवघर, बासुकीनाथ फोरलेन प्रोजेक्ट को मेला शुरू होने से पहले पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं.सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी विशेष रणनीति बनाई गई है. भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता दी जाएगी. अस्थायी संरचनाओं की जगह स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर भी जोर दिया गया.
इसके अलावा ओवरलोडेड ट्रैक्टर-ट्रॉली से यात्रा पर रोक लगाने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित बस और रेल जैसे साधनों के उपयोग के लिए जागरूक करने का निर्देश भी दिया गया. श्रावणी मेला 2026 को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और कड़े नियमों के साथ एक नया और भव्य स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है.

