कोयलांचल में गैस रिसाव का हाल देखिये, जानिए कैसे रहते हैं लोग


धनबाद (DHANBAD): कोयलांचल में बारिश कैसे आफत लेकर आती है, इसका अगर उदाहरण देखना हो तो आप झरिया के पांडेबेरा पहुंच जाइए, देखिए कैसे जहरीली गैस का रिसाव हो रहा है और लोग वहीं रह भी रहे हैं. जानकारी के अनुसार झरिया के घनुडीह , लालटेन गंज, मल्लाह बस्ती, दोबारी रजवार बस्ती, बस्ता कोला, इंडस्ट्री , गोपालीचक , शिमला बहाल, पांडेबेरा , वागडिग्गी , जयरामपुर आदि क्षेत्र की बस्तियों में भारी मात्रा में गैस रिसाव हो रहा है. गैस रिसाव वाली बस्तियों से होकर गुजरने वालों को खतरा के साथ-साथ नाक पर रुमाल रखकर ही गुजारना पड़ता है.
बारिश होते ही बढ़ जाता है भूधसान और गैस रिसाव का खतरा
इन बस्तियों में रहने वाले लोग पता नहीं कैसे रहते हैं ,उन्हें भय सताता है या नहीं, यह तो कहना मुश्किल है लेकिन इतना जरूर कहते हैं कि जब भी बारिश होती है तो तेज गैस रिसाव होता है और धंसान का खतरा बढ़ जाता है. आपको बता दें कि निजी कोलियरी मालिक तो बिना वैज्ञानिक तौर तरीके से कोयले का उत्पादन किया और कराया लेकिन कोयला उद्योग के राष्ट्रीयकरण के बाद भी खनन तो वैज्ञानिक तरीके से हुआ लेकिन जिन जगहों से कोयला निकाला गया, वहां नियम के अनुसार बालू की भराई नहीं की गई. नतीजा हुआ कि कोयला निकलने के बाद जमीन खाली रह गई और अब यही खोखलापन आम पब्लिक से लेकर सरकार को परेशान किए हुए है.
कोयलांचल का बहुचर्चित बालू घोटाला भी काम जिम्मेवार नहीं
यहां यह भी कहना गलत नहीं होगा कि धनबाद के तत्कालीन उपायुक्त मदन मोहन झा के कार्यकाल में जब बालू भराई घोटाले की जांच शुरू हुई तो पता चला था कि स्कूटर और बाइक पर भी बालू की ढुलाई की गई है. मतलब बीसीसीएल को बालू ढुलाई और भराई के जो बिल दिए गए थे, वह फर्जी थे. बालू ढुलाई या भराई हुई ही नहीं और भुगतान ले लिया गया था. इस मामले में कई लोग सलाखों के पीछे भी गए थे. गड़बड़ी करने वाले चाहे उस समय जितने भी पैसे कमाए हों लेकिन आज उनकी करतूत का खामियाजा कोयलांचल भुगत रहा है और लोगों की जिंदगी दांव पर लगी हुई है. चित्र में आप भी देख सकते है कि किस प्रकार हो रहा है गैस का रिसाव.
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