चतरा(CHATRA): जिले के सिमरिया क्षेत्र में हुए एयर एंबुलेंस हादसे के 21 दिन बाद एक अहम सुराग सामने आया है. रविवार को दुर्घटनाग्रस्त विमान का दूसरा इंजन घटनास्थल से लगभग आधा किलोमीटर दूर जंगल से बरामद किया गया. जानकारी के मुताबिक कांशीआतु गांव की कुछ महिलाएं महुआ चुनने के लिए जंगल गई थीं.इसी दौरान उनकी नजर वहां पड़े विमान के इंजन पर पड़ी. महिलाओं ने तुरंत इसकी सूचना सिमरिया पुलिस को दी. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इंजन को कब्जे में लेकर थाना ले आई.
सिमरिया थाना प्रभारी सूर्यप्रताप सिंह ने बताया कि एयर एंबुलेंस के दूसरे इंजन के मिलने की जानकारी संबंधित कंपनी को दे दी गई है. 23 फरवरी की शाम रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस कांशीआतु के पत्थरपनिया जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. इस भीषण हादसे में पायलट, को-पायलट और एक डॉक्टर समेत कुल सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी. दुर्घटना के बाद विमान के मलबे को इकट्ठा कर सिमरिया थाना लाया गया था और बाद में उसे वाहन के जरिए हरियाणा भेज दिया गया था और दूसरे इंजन खोजबीन चल रही थी.
अब हादसे के 21 दिन बाद जंगल से इंजन बरामद होने के बाद जांच प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं. लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी इंजन का लंबे समय तक नहीं मिल पाना जांच की गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है. साथ ही अब तक पीड़ितों के परिजनों को मुआवजा नहीं मिलने को लेकर भी नाराजगी सामने आ रही है. जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इंजन मिलने से हादसे के कारणों को समझने में कुछ नई जानकारी मिल सकती है.
Thenewspost - Jharkhand
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